ब्यावरा। एक बार फिर कृषि उपज मंडी में लहसुन की खरीदी शुरु होने जा रही है, 24 मार्च से लहसुन की खरीदी का कार्य मंडी प्रबंधन द्वारा शुरु करने की बात कही गई है, लहसुन की खरीदी से आसपास के किसानों को इसका लाभ मिल सकेगा.
गौरतलब है कि ब्यावरा कृषि मंडी में गत माह लहसुन की खरीदी प्रारंभ की गई थी. इसके बाद यहां नीलामी बंद हो गई एक बार फिर अब मंडी प्रबंधन द्वारा मंडी में लहसुन की खरीदी शुरु करने का निर्णय लिया है.
मंडी प्रबंधन के अनुसार 24 मार्च मंगलवार से स्थानीय कृषि उपज मंडी में लहसुन की खरीदी प्रारंभ की जा रही है, किसान भाईयों से आग्रह किया गया है कि वह लहसुन विक्रय हेतु मंडी में ला सकते है. नीलामी का कार्य दोपहर 2 बजे से होगा. स्थानीय कृषि मंडी में इसके पूर्व 29 जनवरी 2026 को लहसुन की करीब 5 क्विंटल आवक रही थी.
30 किमी दूर जाना पड़ रहा था लहसुन बेचने
स्थानीय कृषि उपज मंडी में लहसुन की खरीदी शुरु होने से आसपास एवं दूर दराज क्षेत्र के किसानों को काफी सुविधा होकर राहत पहुंचेगी. समीप मंडी में लहसुन का विक्रय होने से काफी सुविधा होगी. वहीं टेक्स के रुप में कृषि मंडी की आय में भी इजाफा होगा.
विदित है कि इसके पूर्व जिले में नरसिंहगढ़ एवं सारंगपुर कृषि मंडी में ही लहसुन की खरीदी होने से राजगढ़, कालीपीठ, ब्यावरा, सुठालिया क्षेत्र के किसानों को लहसुन का विक्रय करने काफी दूर जाना होता था. ब्यावरा एवं आसपास क्षेत्र से नरसिंहगढ़ मंडी जाने पर करीब 35 किमी का सफर तय करना पड़ता है. अब ब्यावरा मंडी में ही खरीदी प्रारंभ होने से लम्बा सफर एवं इस पर होने वाला व्यय बचेगा. ब्यावरा मंडी में खरीदी शुरु होने से काफी सुविधा और राहत मिलेगी. समीप मंडी में लहसुन का विक्रय होने से भाड़ा व अन्य खर्च बचेगा.
मंडी की आय में होगी वृद्धि
ब्यावरा कृषि मंडी मेें लहसुन की खरीदी का कार्य एक बार फिर शुरु होने से मंडी की आय में बढ़ोत्तरी होगी. मंडी को 1 प्रतिशत टेक्स खरीदी से प्राप्त होगा. यानि 100 रुपये पर 1 रुपये मंडी टेक्स लगता है. टेक्स के रुप में मंडी को आय प्राप्त होगी.
प्याज की नहीं होगी मंडी
फिलहाल लहसुन की ही मंडी करने का निर्णय मंडी प्रबंधन द्वारा लिया गया है, प्याज की मंडी नहीं होगी. गौरतलब है कि पूर्व में स्थानीय कृषि मंडी में लहसुन के साथ प्याज की मंडी भी शुरु की गई थी किंतु बाद में प्याज की मंडी को बंद कर दिया गया.
