बाजार में इस हाहाकार के पीछे सबसे बड़ी वजह अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच पिछले 20 दिनों से जारी जंग है। अब यह युद्ध थमने के बजाय और भड़क गया है।
ग्लोबल मार्केट से आए नकारात्मक संकेतों और मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध के तनाव ने भारतीय शेयर बाजार को जोरदार झटका दिया है। कल तक जहां शेयर बाजार में तेजी का माहौल था, आज सुबह बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली है।
जैसे ही आज सुबह बाजार खुला, बिकवाली का सैलाब आ गया और बाजार की स्थिति बिगड़ती चली गई। सुबह 9:16 बजे के करीब सेंसेक्स 1,584.43 अंक (2.07%) गिरकर 75,119.70 के स्तर पर आ गया, जबकि निफ्टी भी 500.45 अंक (2.10%) गिरकर 23,277.35 पर ट्रेड कर रहा था। प्री-ओपनिंग सेशन में स्थिति और भी खराब थी, जहां सेंसेक्स 2,200 अंक और निफ्टी 580 अंक तक गिर गए थे।
बाजार में इस हाहाकार की सबसे बड़ी वजह अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच पिछले 20 दिनों से जारी युद्ध है। यह संघर्ष अब थमने के बजाय और भी भड़क गया है, जिससे वैश्विक बाजारों में चिंता का माहौल बना हुआ है। इस युद्ध का असर भारतीय बाजार पर भी गहरे रूप से पड़ा है, जिससे निवेशकों में डर और घबराहट फैल गई है।
कच्चे तेल का संकट और एशियाई बाजारों में गिरावट
ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने ग्लोबल मार्केट को झकझोर दिया है। गुरुवार सुबह कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार उछाल देखने को मिला, जिसका असर पूरी दुनिया के बाजारों पर पड़ा है।
कच्चे तेल की कीमतों में 3% से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई। Brent Crude करीब $3.69 (3.44%) बढ़कर $111.07 प्रति बैरल तक पहुंच गया। वहीं WTI Crude भी $2.29 (2.38%) चढ़कर $98.61 प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा है।
कच्चे तेल की सप्लाई बाधित होने का खतरा
युद्ध की वजह से कच्चे तेल की सप्लाई बाधित होने का खतरा बढ़ गया है, जिससे कीमतों में और तेजी आने की आशंका जताई जा रही है। जानकारों का मानना है कि जब तक यह संघर्ष जारी रहेगा, तब तक तेल बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है।
इसी तनाव का असर एशियाई बाजारों पर भी साफ दिखाई दिया। बाजार की शुरुआत कमजोर रही और GIFT Nifty लगभग 550 अंकों की गिरावट के साथ ट्रेड करता दिखा। इससे पहले ही संकेत मिल गए थे कि भारतीय शेयर बाजार के लिए यह दिन भारी रहने वाला है।
