
भिंड। मध्य प्रदेश से चंबल को अलग कर नया राज्य बनाने की मांग उठने लगी है. यह मांग पूर्व विधायक रविन्द्र भिडोसा द्वारा उठाई जा रही है. इससे पहले राष्ट्रीय हनुमान सेना पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरसिंह कुमार चौबे ने भी यह मांग उठाई थी, लेकिन इस पर कोई एक्शन नहीं हुआ. फिलहाल इसको लेकर नक्शा और बाकायदा नाम तक तय कर लिया गया है, जिसमें न सिर्फ मध्यप्रदेश बल्कि उत्तरप्रदेश और राजस्थान के कई जिलों को शामिल करने की बात कही जा रही है.
मध्य प्रदेश से चंबल को अलग करने को लेकर भिंड जिले में एक बड़ी महापंचायत का आयोजन फूप कस्बे में किया जाएगा.जिसमें सभी राजनैतिक दल को एकत्रित करने की कोशिश की जा रही है. इसकी तैयारी दिमनी से कांग्रेस के पूर्व विधायक रविंद्र भिडोसा कर रहे हैं. पूर्व विधायक रविंद्र भिडोसा ने बताया कि चंबल क्षेत्र काफी पिछड़ा रहा है. इसलिए जब तक चंबल को अलग कर एक राज्य घोषित नहीं किया जाएगा तब तक इसका विकास नहीं होगा. हम 3 राज्यों के 21 जिलों को शामिल कर नया चंबल प्रदेश बनाने पर काम करेंगे.
चंबल को प्रदेश बनाने की मांग करते हुए पूर्व विधायक रविंद्र भिडोसा ने कहा कि “जनता की मांग पर यह मुद्दा उठा रहे हैं. इसे बनाने के लिए 3 राज्यों के 21 जिलों को जोड़ा जाए. जिसमें उत्तरप्रदेश से आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, औरैया, जालौन, झांसी और ललितपुर, मध्यप्रदेश से गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, दतिया, ग्वालियर, मुरैना, श्योपुर और भिंड और राजस्थान से धौलपुर, करौली, सवाई माधौपुर, कोटा, बारा, झालावाड़ को शामिल किया जाए. इन सभी को मिलाकर इनकी आबादी 6 करोड़ होती है. इसके अलावा यहां इंडस्ट्रियल कॉरिडोर भी आना चाहिए.”
