भुवनेश्वर, 11 जुलाई (वार्ता) केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज कांग्रेस पार्टी पर आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में हार की आशंका में “वोट चोरी” का नया नारा गढ़ने का आरोप लगाया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में प्रधान ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा भुवनेश्वर में आयोजित “संविधान बचाओ” रैली “कांग्रेसी राजकुमार” के एक और राजनीतिक दौरे से ज़्यादा कुछ नहीं थी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, “राहुल गांधी अस्पष्ट बयान दे रहे हैं, ‘रास्ता न जानने की गलती’ जैसी बातें कह रहे हैं। यह संविधान बचाने के लिए नहीं, बल्कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी को बचाने के लिए रैली थी।”
श्री प्रधान ने दावा किया कि ओडिशा की जनता का भाजपा सरकार पर अटूट विश्वास है, जिसने कांग्रेस पार्टी को राज्य में राजनीतिक रूप से अप्रासंगिक बना दिया है।
उन्होंने आगे कहा, “ओडिशा में कांग्रेस का कोई अस्तित्व नहीं है। एक दशक पहले, राज्य के गरीबों, दलितों, आदिवासियों, किसानों और मज़दूरों ने पार्टी को नकार दिया था। ऐसे में, राहुल गांधी द्वारा ओडिशा में गरीबों के कल्याण की बात करना एक धोखा है।”
हाल के चुनाव परिणामों का हवाला देते हुए, प्रधान ने कहा कि महाराष्ट्र और हरियाणा जैसे राज्यों में कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के फैसले को स्वीकार करने के बजाय, राहुल गांधी और खड़गे अब चुनाव आयोग और लोकतांत्रिक संस्थाओं को दोष दे रहे हैं।
श्री प्रधान ने कहा, “यह विडंबना है कि वही कांग्रेस पार्टी जिसने कभी आपातकाल लगाकर लोकतंत्र और संविधान को कमजोर किया था, अब संविधान बचाने का उपदेश दे रही है।”
उन्होंने आगे दावा किया कि ओडिशा और पूरे देश की जनता कांग्रेस नेतृत्व की “चालबाजी और धोखे” को समझ चुकी है।
केंद्रीय मंत्री ने निष्कर्ष निकाला, “आने वाले हर चुनाव में जनता ऐसी जनविरोधी और संविधान-विरोधी ताकतों को कड़ा जवाब देती रहेगी।”
