अबू धाबी, 17 मार्च (वार्ता) संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में ईरान से जुड़े हमलों के बारे में सोशल मीडिया पर ‘भ्रामक और फर्जी सामग्री’ प्रसारित करने के आरोप में नौ देशों के 35 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
गल्फ न्यूज़ के अनुसार, अटॉर्नी जनरल डॉ हमद सैफ अल शम्सी के आदेश पर शनिवार को 10 और रविवार को 25 लोगों को हिरासत में लिया गया। अधिकारियों के अनुसार इन लोगों ने ऐसे वीडियो और तस्वीरें साझा कीं, जो भ्रामक थीं और देश की सुरक्षा व्यवस्था को कमजोर दिखाने के साथ सैन्य हमलों का महिमामंडन करती थीं।
प्रशासन ने बताया कि क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच डिजिटल प्लेटफॉर्म की निगरानी के दौरान इस तरह की सामग्री के प्रसार का पता चला। इससे पहले भी चेतावनी दी गयी थी कि घटनास्थलों, गिरायी गयीं मिसाइलों या क्षति से जुड़े दृश्य साझा करना प्रतिबंधित है, क्योंकि इससे अफवाहें फैल सकती हैं और लोगों में दहशत पैदा हो सकती है।
गिरफ्तार किये गये लोगों में से कुछ ने वायु रक्षा प्रणाली द्वारा हमलों को नाकाम करने के वास्तविक वीडियो साझा किये, जबकि अन्य ने कृत्रिम रूप से तैयार किए गए वीडियो प्रसारित किये, जिनमें प्रमुख स्थलों पर हमले और आगजनी के दृश्य दिखाये गये थे।
दूसरे समूह पर आरोप है कि उन्होंने मिसाइल अवरोधन से जुड़े वास्तविक फुटेज को भ्रामक तरीके से प्रस्तुत किया या अन्य देशों के वीडियो को स्थानीय घटनाओं के रूप में प्रसारित किया।
इसके अलावा अबू धाबी पुलिस ने अलग कार्रवाई में 45 लोगों को संवेदनशील स्थानों की वीडियो रिकॉर्डिंग कर उन्हें ऑनलाइन साझा करने और भ्रामक जानकारी फैलाने के आरोप में हिरासत में लिया है।
अटॉर्नी जनरल ने कहा कि इस तरह की सामग्री का प्रसार राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है और इससे देश की रक्षा क्षमताओं से जुड़ी जानकारी उजागर हो सकती है।
यूएई कानून के तहत दोषी पाए जाने पर कम से कम एक वर्ष की सजा और एक लाख दिरहम से अधिक का जुर्माना लगाया जा सकता है। सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजते हुए त्वरित सुनवाई के लिए प्रस्तुत किया गया है।
