
जबलपुर। शासकीय नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज से उपचार के लिए भर्ती पति के गायब होने के खिलाफ पीड़ित पत्नी ने हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा तथा जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने पुलिस को निर्देशित है कि वह लापता व्यक्ति को तलाश कर पेश करें। याचिका पर अगली सुनवाई 21 अप्रैल को निर्धारित की गयी है।
याचिकाकर्ता प्रीति विश्वकर्मा निवासी लाल माटी घमापुर की तरफ से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में कहा गया था कि उसने अपने पति को विगत 25 अगस्त को उपचार के लिए शासकीय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती किया गया था।जब वह शाम को पति से मिलने गयी तो वह गायब थे। पति के गायब होने के संबंध में उसने सखी एप में शिकायत की थी। एप के माध्यम से संबंधित गढा थाने को घटना की जानकारी दी गयी थी। राज्य मानव अधिकार आयोग ने भी घटना को संज्ञान में लेते हुए पुलिस अधीक्षक से रिपोर्ट तलब की थी।
पुलिस द्वारा पति की तलाश नही पाने के कारण उक्त याचिका दायर की गयी है। याचिका की सुनवाई के दौरान जिला पुलिस की तरफ से युगलपीठ को बताया गया कि अस्पताल की सीसीटीवी फुटेज में संबंधित व्यक्ति जाते हुए नहीं दिखा है। संबंधित व्यक्ति की तलाश के लिए उसके पोस्टर भी लगाए गए है। पुलिस के द्वारा उसकी तलाश जारी है। युगलपीठ ने सुनवाई के बाद पुलिस को लापता व्यक्ति की तलाश कर उसे पेश करने के आदेश जारी किये है। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता अनीष त्रिवेदी ने पैरवी की।
