नयी दिल्ली, 17 मार्च (वार्ता) कांग्रेस ने कहा है कि राज्यसभा चुनाव के दौरान भाजपा ने हरियाणा में लोकतंत्र की हत्या के सभी हथकंडे आजमाये लेकिन पार्टी विधायकों तथा नेताओं की सतर्कता के कारण भाजपा की इस मंशा पर पानी फिर गया और कुछ क्रास वोटिंग कराने के बावजूद कांग्रेस उम्मीदवार करमवीर बौद्ध की शानदार जीत हुई। कांग्रेस कार्य समिति के स्थायी आमंत्रित सदस्य तथा पार्टी सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने मंगलवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि भाजपा हाईकमान हर कीमत पर हरियाणा से राज्यसभा की सीट हासिल करना चाह रहा था। भाजपा ने इसके लिए क्रॉस वोटिंग कराने के सभी हथकंडे अपनाने की कोशिश की। यहां तक कि गुजरात के उपमुख्यमंत्री को हरियाणा में पर्यवेक्षक बनाकर भेजा लेकिन कांग्रेस विधायकों ने भाजपा के सारे मंसूबों पर पानी फेर दिया। श्री हुड्डा ने हरियाणा में राज्यसभा चुनाव में करमवीर बौद्ध की जीत के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी सहित पूरे शीर्ष नेतृत्व बधाई दी और कहा कि हरियाणा में रात में अंधेरे में भाजपा ने जिस तरह से लोकतंत्र की हत्या करने की कोशिश की उससे साफ हो गया कि भाजपा का लोकतंत्र पर विश्वास नहीं है। भाजपा सिर्फ सत्ता हासिल करना चाहती है लेकिन कांग्रेस पार्टी के विधायकों और सजग कार्यकर्ताओं ने लूट नहीं होने दी और सामाजिक न्याय के लिए काम करने वाले करमवीर बौद्ध को जीत दिलाई। उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव में भाजपा की योजना खरीद-फरोख्त से संख्या हासिल करने की थी लेकिन जब ये योजना फेल हो गई तो पार्टी ने अपनी बी टीम इनेलो को सक्रिया किया, जिसने चुनाव के दिन तक अपना रूख साफ नहीं किया। कांग्रेस पार्टी के पक्ष में जब 30 से ज्यादा वोट पड़ गए तो इनेलो मतदान से भाग खड़ी हुई।
इस सबके बाद भाजपा ने अपना तीसरा हथकंडा अपनाने की कोशिश की, जहां उन्होंने चुनाव आयोग को अपने साथ लिया। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा “चुनाव अधिकारी ने पक्षपात किया और हमारे चार वोट कैंसिल कर दिए, जबकि ये सभी वोट वैलिड थे। ये सब तब किया गया, जब एक अन्य चुनाव अधिकारी ने यही वोट वैलिड ट्रे में डाले थे। ये दिखाता है कि भाजपा राज्यसभा चुनाव में वोट चोरी कर रही थी। कांग्रेस नेता ने कहा कि हरियाणा में कुछ विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की है, जिनके खिलाफ पार्टी एक्शन लेगी, लेकिन उन्हें जनता भी माफ़ नहीं करेगी। मगर जो विधायक तमाम प्रलोभन, दबाव के बावजूद ईमानदारी और मजबूती के साथ पार्टी के साथ खड़े रहे, उनका जनता के बीच सम्मान और बढ़ गया है। भाजपा नेताओं और हरियाणा के मुख्यमंत्री ने बयान दिया था कि कांग्रेस पार्टी ने एक कमजोर उम्मीदवार दिया है, लेकिन एक सामाजिक कार्यकर्ता को कमजोर समझने वाले लोगों को विधायकों ने करारा जवाब दिया है। ये संविधान की जीत है।
कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रमुख एडवोकेट राजेंद्र पाल ने कहा कि भाजपा देश के संविधान, बाबा साहेब और दलितों से नफरत करती है। उनका कहना था, ”हरियाणा में जिन्हें भाजपा के लोग एक कमजोर कैंडिडेट समझ रहे थे, उनके लिए मेरे पास पूरे देश से फोन आ रहे थे। लोग नाराज थे कि चुनाव आयोग भाजपा की गुलामी क्यों कर रहा है, लेकिन दुख इस बात का है कि लोकतंत्र का हरण करना भाजपा का चरित्र बन गया है, जिसमें लोकतंत्र की हत्या करने वालों को खुली छूट दे दी गई है।”

