इंदौर: शहर की यातायात व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने ई-रिक्शा संचालन को लेकर नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है. इसके तहत पूरे शहर को चार सेक्टर में बांटा जाएगा और प्रत्येक सेक्टर के ई-रिक्शा की पहचान अलग-अलग रंग के छत से की जाएगी. निर्धारित समय में पंजीयन नहीं कराने वाले ई-रिक्शा के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
सोमवार को पलासिया स्थित डीसीपी ट्रैफिक कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस उपायुक्त (प्रभारी यातायात) राजेश कुमार त्रिपाठी ने बताया कि शहर में बढ़ते ई-रिक्शा संचालन को नियंत्रित और व्यवस्थित करने के लिए यह व्यवस्था लागू की जा रही है. इसके तहत शहर को यातायात के चार जोन के आधार पर चार सेक्टर में विभाजित किया है. प्रत्येक जोन के ई-रिक्शा की पहचान के लिए अलग-अलग रंग तय किए हैं. जोन-1 के ई-रिक्शा की छत नीली, जोन-2 की पीली, जोन-3 की लाल और जोन-4 की सफेद होगी, जिससे उन्हें आसानी से पहचाना जा सकेगा. सेक्टर का आवंटन फर्स्ट कम फर्स्ट सर्व के आधार पर किया जाएगा. त्रिपाठी ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति के पास एक से अधिक ई-रिक्शा हैं तो उन्हें अलग-अलग जोन आवंटित किया जाएगा, ताकि किसी एक क्षेत्र में ई-रिक्शा का दबाव न बढ़े.
उन्होंने बताया कि सभी ई-रिक्शा चालकों को निर्धारित प्रोफार्मा के माध्यम से आवश्यक दस्तावेजों के साथ पंजीयन कराना होगा. पुलिस ने शहर में संचालित सभी ई-रिक्शा का पंजीयन आगामी 10 दिनों के भीतर अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए हैं. जोन-1 और जोन-4 के ई-रिक्शा का पंजीयन ट्रैफिक थाना पश्चिम (महू नाका) में, जबकि जोन-2 और जोन-3 के ई-रिक्शा का पंजीयन ट्रैफिक थाना पूर्व (एमटीएच कंपाउंड) में किया जाएगा. इसके लिए पुलिस विभाग की ओर से प्रत्येक स्थान पर अधिकारी-कर्मचारी भी नियुक्त किए जाएंगे.
तय सीमा के बाद बिना पंजीयन ई-रिक्शा चलाने पर होगी कार्रवाई
निर्धारित समय सीमा के बाद बिना पंजीयन संचालित ई-रिक्शा के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. साथ ही सुरक्षा और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए सभी ई-रिक्शा को पीछे की ओर से खुला रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अंदर की गतिविधियां स्पष्ट रूप से दिखाई दे सकें. बैठक में मॉनिटरिंग कमेटी के सदस्य शरद नाईक, बैटरी ई-रिक्शा संघ के अध्यक्ष राजेश बिडकर सहित ई-रिक्शा प्रतिनिधि और मीडिया के सदस्य मौजूद थे. सभी ने यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए ट्रैफिक पुलिस को सहयोग देने का आश्वासन दिया
