श्रीनगर, (वार्ता) हुर्रियत कांफ्रेंस के अध्यक्ष एवं कश्मीर के मुख्य धर्मगुरु मीरवाइज़ उमर फ़ारूक़ ने सोमवार को उन्हें घर में नज़रबंद करने का दावा किया।
मीरवाइज ने एक्स पर एक पोस्ट में पर कहा कि जहाँ मस्जिदों में अल्लाह की रहमत और माफ़ी के लिए नमाज़ें और दुआएँ गूँज रही थीं, वहीं श्रीनगर की मुख्य मस्जिद बंद रही और उन्हें उनके घर में ही नज़रबंद रखा गया।
उन्होंने लिखा, “लैलतुल क़द्र की सबसे पवित्र रात पर, जब मस्जिदों में अल्लाह की रहमत और माफ़ी के लिए नमाज़ें और दुआएँ गूँजती हैं, कश्मीर की मुख्य जामिया मस्जिद श्रीनगर को एक बार फिर नमाज़ियों के लिए बंद कर दिया गया है, और मुझे घर में नज़रबंद कर दिया गया है।”
उन्होंने कहा, “यह कि शासक ऐसी रात में ईश्वर के घर में होने वाली नमाज़ों से डरते हैं, यह उनकी असुरक्षा और धार्मिक रीति-रिवाजों के लिए सिकुड़ते दायरे के बारे में बहुत कुछ कहता है।”
उन्होंने कुरान का हवाला देते हुए इस आयत का ज़िक्र किया: “और उससे ज़्यादा ज़ालिम कौन हो सकता है जो अल्लाह की मस्जिदों में उसका नाम लिए जाने से रोकता है।”
उन्होंने आगे कहा कि “ज़ुल्म और अन्याय हमेशा नहीं टिक सकते,” और “इंशाअल्लाह” राहत मिलने की उम्मीद जताई। मीरवाइज़ के दावों के संबंध में प्रशासन की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई।
अधिकारियों ने लगातार सातवें वर्ष रमज़ान के महीने के दौरान जामिया मस्जिद में पिछले शुक्रवार की नमाज़ की भी अनुमति नहीं दी।
