जबलपुर: अनूपपुर जिले की बिजुरी नगर पालिका अंतर्गत स्कूल को गिरकार मंगल भवन बनाये जाने का आरोप लगाने वाली याचिका वापस लेने की प्रार्थना के साथ हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ के समक्ष सुनवाई दौरान अनावदेक नगर पालिका की ओर से कहा गया कि जिस स्कूल को गिराकर मंगल भवन बनाये जाने का दावा किया जा रहा है, वह स्कूल जर्जर हो चुका था और उसे दूसरी जगह स्थानांतरित कर दिया गया।
दरअसल यह जनहित याचिका बिजुरी क्षेत्र में रहने वाले विजय कुमार गुप्ता ने दायर की थी। जिसमें आरोप था कि नगर पालिका बिजुरी द्वारा पुराने शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय को गिरकर उस पर मंगल भवन सामुदायिक भवन एवं चौपाटी के निर्माण करने की कार्यवाही की जा रहीं है। जिससे कि विद्यालय परिसर में स्थित खेल के मैदान का अस्तित्व समाप्त होने की कगार पर है। अत: जनहित याचिका के रूप में प्रार्थना की गई थी की मंगल भवन का निर्माण एवं चौपाटी का निर्माण पर रोक लगाई जाए। वहीं मामलें में अनावेदक नगर पालिका बिजुरी की ओर से अधिवक्ता मनोज कुशवाहा व कौशलेंद्र सिंह ने पैरवी की।
जिन्होंने दलील दी कि उक्त मंगल भवन मुख्यमंत्री नगरी अधो -संरचना निर्माण योजना के अंतर्गत बनाए जा रहा ह, जो की आयुक्त नगर प्रशासन एवं विकास भोपाल के द्वारा स्वीकृत है। साथ ही नगर पालिका परिषद बिजुरी के द्वारा उपरोक्त प्रस्ताव पारित कर पूर्व में जो कन्या शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय था, वह क्षतिग्रस्त हो गया था। जिसे कलेक्टर के आदेश द्वारा गिराया गया एवं उपरोक्त स्कूल को अन्यत्र स्थानांतरित कर दिया गया है। इतना ही नहीं उपरोक्त मंगल भवन आमजन की सुविधा के लिए बनाया जा रहा है। जिसका की प्लान सभी विभागों द्वारा स्वीकृत है। इसके अलावा मंगल भवन निर्माण के अलावा भी खेल का मैदान बचा हुआ है। जिसके बाद आवेदक की ओर से याचिका वापस लेने की प्रार्थना गई, जिसे स्वीकार करते हुए न्यायालय ने दायर याचिका खारिज कर दी।
