भुवनेश्वर, 16 मार्च (वार्ता) ओडिशा में राज्यसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने दो सीटों पर और बीजू जनता दल (बीजद) ने एक सीट पर जीत दर्ज की है, जबकि भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार और पूर्व केंद्रीय मंत्री दिलीप राय ने चौथी सीट पर कब्जा कर लिया है।
भाजपा की ओडिशा इकाई के अध्यक्ष मनमोहन सामल और मौजूदा भाजपा सांसद सुजीत कुमार ओडिशा से राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए जबकि बीजद की ओर से संतृप्त मिश्रा ने एक सीट जीती।
राज्यसभा की चार सीटों के लिए कुल पांच उम्मीदवार मैदान में थे। बीजद और कांग्रेस के साझा उम्मीदवार दत्तेश्वर होता को चुनाव में हार का सामना करना पड़ा।
विधानसभा सूत्रों के अनुसार, भाजपा के दोनों उम्मीदवारों को 35-35 प्रथम वरीयता के मत मिले, जबकि बीजद उम्मीदवार संतृप्त मिश्रा को 31 प्रथम वरीयता के मत मिले। दिलीप राय और दत्तेश्वर होता दोनों को 23-23 प्रथम वरीयता के वोट मिले, लेकिन द्वितीय वरीयता के मतों के आधार पर श्री राय को विजयी घोषित किया गया।
चुनाव में बीजद और कांग्रेस के विधायकों द्वारा क्रॉस-वोटिंग के 11 मामले सामने आए, जिसने अंततः दिलीप राय को चौथी सीट जीतने में मदद की।
बीजद के चुनाव एजेंट प्रताप देब ने कहा कि पार्टी के आठ विधायकों ने क्रॉस-वोटिंग की, जिनमें हाल ही में निलंबित किए गए दो विधायक भी शामिल थे।
ओडिशा कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास ने भी पुष्टि की कि कांग्रेस के तीन विधायकों ने क्रॉस-वोटिंग की है। उन्होंने कहा कि इस घटनाक्रम की जानकारी टेलीफोन के माध्यम से पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को दे दी गई है।
क्रॉस-वोटिंग करने वालों में वरिष्ठ नेता बिजय महापात्र के पुत्र अरबिंद महापात्र, सौविक बिस्वाल और देबी रंजन त्रिपाठी के नाम शामिल बताए गए हैं।
कटक से कांग्रेस विधायक सोफिया फिरदौस ने भी क्रॉस-वोटिंग की। गौरतलब है कि श्री फिरदौस के पिता और पूर्व कांग्रेस विधायक मोहम्मद मुकीम को पहले पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था।
दो अन्य कांग्रेस विधायकों, रमेश जेना और दशरथी गमंगो के बारे में भी कहा गया कि उन्होंने पार्टी लाइन के खिलाफ मतदान किया।
बीजद की ओर से चक्रमणि कन्हार, सुभाषिनी जेना और नबा मल्लिक द्वारा भी चुनाव के दौरान क्रॉस-वोटिंग करने की खबरें मिलीं।
हालांकि, मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी (माकपा) विधायक लक्ष्मण मुंडा ने कहा कि दिलीप राय ने उनसे संपर्क किया था, लेकिन उन्होंने उनके अनुरोध को ठुकरा दिया और इसके बजाय बीजद-कांग्रेस के साझा उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया।
विपक्ष के नेता और बीजद अध्यक्ष नवीन पटनायक ने आरोप लगाया कि भाजपा ने चुनाव में विधायकों की खरीद-फरोख्त का सहारा लिया। उन्होंने यह भी दावा कि क्रॉस-वोटिंग करने वाले कुछ विधायकों की पृष्ठभूमि आपराधिक है और उनके पिता जेल में हैं।
वरिष्ठ नेताओं बिजय महापात्र और प्रभात कुमार त्रिपाठी ने संवाददाताओं से कहा कि राज्यसभा चुनाव के नतीजे बीजद के भीतर बढ़ते अविश्वास को दर्शाते हैं। उन्होंने संकेत दिया कि यह परिणाम ओडिशा में एक बड़े राजनीतिक बदलाव का संकेत हो सकता है। उन्होंने इसे राज्य के राजनीतिक परिदृश्य में एक आसन्न परिवर्तन की शुरुआत बताया।
इस बीच, बीजद सांसदों ने राज्यसभा में ओडिशा राज्यसभा चुनाव के दौरान भाजपा विधायकों उपासना महापात्र और पूर्ण चंद्र सेठी को कथित तौर पर दूसरा मतपत्र जारी किए जाने का मुद्दा उठाया। इसे भारी अनियमितता बताते हुए उन्होंने पुनर्मतदान और चुनाव रद्द करने की मांग की तथा आरोप लगाया कि मतदान प्रक्रिया दूषित हो गई है। सांसदों ने बाद में विरोध स्वरूप राज्यसभा से वॉकआउट किया।
नवीन पटनायक ने ओडिशा विधानसभा में पत्रकारों से बात करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा ने हार्स ट्रेडिंग का सहारा लिया है।उन्होंने ब्रह्मगिरी से भाजपा विधायक उपासना महापात्र को कथित तौर पर वोट डालते समय गलती करने के बाद दूसरा मतपत्र जारी किए जाने पर भी कड़ी आपत्ति जताई।
श्री पटनायक ने इस कदम को ‘अलोकतांत्रिक, असंवैधानिक और चुनाव प्रक्रियाओं का उल्लंघन’ करार दिया और कहा कि किसी विधायक को दोबारा वोट देने की अनुमति देने के लिए दूसरा मतपत्र जारी करना पूरी तरह अवैध और स्थापित लोकतांत्रिक मानदंडों के खिलाफ है।
