राज्यसभा चुनाव से पहले ओडिशा कांग्रेस विधायकों को बेंगलुरु ले जाने पर सियासी घमासान

हुबली, 16 मार्च (वार्ता) ओडिशा में राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस विधायकों को बेंगलुरु के एक रिसॉर्ट में ठहराने के मुद्दे पर सोमवार को सियासी बयानबाजी तेज हो गई और कर्नाटक भाजपा के महासचिव महेश तेंगिनकाई और कर्नाटक सरकार के मंत्री प्रियांक खरगे के बीच तीखी जुबानी जंग देखने को मिली।

दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए, जिससे राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया। भाजपा नेता महेश तेंगिनकाई ने इस पूरे विवाद को कांग्रेस का आंतरिक मामला बताते हुए कहा कि भाजपा विधायकों की खरीद-फरोख्त की कोशिश नहीं कर रही है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने ओडिशा के कांग्रेस विधायकों को कर्नाटक लाने का फैसला क्यों किया।

श्री तेंगिनकाई ने कहा, “अगर आपको अपने ही विधायकों पर भरोसा नहीं है तो आने वाले समय में सरकार कैसे चलाएंगे? यह पूरी तरह कांग्रेस पार्टी की समस्या है। अगर जीतने के बाद भी अपने विधायक आपके नियंत्रण में नहीं हैं, तो यह कैसी पार्टी है?”

वहीं मंत्री प्रियांक खरगे ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी कांग्रेस विधायकों को पैसों का लालच देकर प्रभावित करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने दावा किया कि ओडिशा के प्रत्येक कांग्रेस विधायक को वोट प्रभावित करने के लिए 5 करोड़ रुपये तक की पेशकश की गई है।

श्री खरगे ने कहा कि भाजपा ने कर्नाटक, महाराष्ट्र, असम, गुजरात और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में इसी तरह के तरीकों का इस्तेमाल कर सत्ता हासिल की है। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर पैसों का लालच काम नहीं करता, तो आयकर विभाग, प्रवर्तन निदेशालय और सीबीआई जैसी एजेंसियों के जरिए दबाव बनाया जाता है।

उन्होंने कहा, “किसी को भी हैरानी नहीं होनी चाहिए कि भाजपा अलग-अलग दलों के विधायकों को पैसा ऑफर कर रही है। पिछले 12 सालों से सत्ता में आने का यही उनका तरीका रहा है।”

गौरतलब है कि राज्यसभा चुनाव से पहले क्रॉस-वोटिंग की आशंका के चलते ओडिशा के कई कांग्रेस विधायकों को बेंगलुरु के एक रिसॉर्ट में ठहराया गया है। इस कदम से राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है। जहां कांग्रेस ने भाजपा पर दखल देने का आरोप लगाया है, वहीं भाजपा ने इसे कांग्रेस का आंतरिक मामला बताया है।

 

 

Next Post

किसान, महिला, गरीब और युवा के लिए समर्पित है सरकार : सीएम डॉ यादव

Mon Mar 16 , 2026
भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पीएम नरेंद्र मोदी से भेंट के बाद कहा है कि प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री द्वारा निर्धारित चार प्रमुख वर्गों किसान, महिला, गरीब और युवाके कल्याण को केंद्र में रखकर कार्य कर रही है। उन्होंने पत्रकारों को बताया कि प्रदेश में इस वर्ष को किसान कल्याण […]

You May Like