नयी दिल्ली, 06 मई (वार्ता) मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिमी भारत में 10 से 12 मई के बीच आंधी-तूफान और बारिश का एक नया दौर शुरू होने की चेतावनी जारी की है। इस दौरान 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने और बिजली कड़कने की भी संभावना जतायी है। मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को उत्तर-पूर्वी भारत (अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय) के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश हो सकती है और इसके साथ ही अगले 6-7 दिनों तक केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में छिटपुट गरज के साथ भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। पिछले 24 घंटों के दौरान देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदला रहा और केरल में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई, जबकि उत्तर प्रदेश, पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, महाराष्ट्र और दिल्ली में ओलावृष्टि की सूचना मिली है। देश में सबसे अधिक तापमान महाराष्ट्र के वर्धा में 43.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। उत्तर-पश्चिमी भारत के जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पंजाब और हरियाणा में 10 से 12 मई के बीच बारिश और 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं।
पूर्वी और मध्य भारत के बिहार में आज ओलावृष्टि की संभावना है, जबकि पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाकों में नौ मई को 70 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से आंधी चल सकती है। विदर्भ और छत्तीसगढ़ में अगले पांच दिनों तक हल्की बारिश के आसार हैं। उत्तर-पश्चिमी भारत में 10 मई तक अधिकतम तापमान में 5-7 डिग्री सेल्सियस और मध्य भारत में 3-5 डिग्री सेल्सियस की क्रमिक वृद्धि होने की संभावना है। नौ से 11 मई के दौरान पश्चिमी राजस्थान में लू (हीट वेव) चलने की चेतावनी दी गई है। दिल्ली और एनसीआर के इलाके में बुधवार शाम या रात तक गरज-चमक के साथ मौसम बदलने की संभावना है। दोपहर या शाम को धूल भरी आंधी और गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं। नौ मई तक दिल्ली का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। मौसम विभाग ने ओलावृष्टि और तेज हवाओं को देखते हुए किसानों को सलाह दी है कि वे कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें। बागवानी फसलों और फलों के पेड़ों को सहारा देने के लिए बांस की डंडियों का उपयोग करें। आम जनता को खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लेने और बिजली के उपकरणों का प्लग निकाल देने की सलाह दी गई है।

