नयी दिल्ली, 06 मई (वार्ता) आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता एवं दिल्ली के पूर्व पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने देश के ऊपर मंडरा रहे हीट वेव के खतरे को लेकर केंद्र सरकार को आगाह किया है। श्री राय ने आज कहा कि 1877 के बाद भारत पर एक बार फिर ‘हीट वेव’ का खतरा बढ़ गया है , लिहाजा केंद्र सरकार को समय रहते ठोस कदम उठाने चाहिए। देश और पूरी दुनिया में इस वक्त जो गर्मी बढ़ रही है, वो आने वाले खतरनाक ‘हीट वेव’ की शुरुआत है। उन्होंने कहा कि मौसम वैज्ञानिक बता रहे हैं कि 140 साल बाद प्रशांत महासागर का पानी सामान्य से 2.9 डिग्री अधिक गर्म होने की संभावना से सुपर अल नीनो का खतरा बढ़ गया है। इससे बारिश और तापमान का पैटर्न बदलता रहेगा, जो एक खतरे की घंटी है। उन्होंने देश के लोगों से हीट वेव और अकाल की संभावना से निपटने के लिए संयुक्त प्रयास करने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि पूरे देश में तेजी से बढ़ती गर्मी सबके लिए चिंता का विषय बनी हुई है। केवल भारत ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में भीषण लू सभी वैज्ञानिकों की चिंता का केंद्र बिंदु बनी हुई है। यह कोई पहली बार नहीं हो रहा है। भारत के इतिहास में 1877 में अचानक लाखों लोग मौत के शिकार हो गए थे और भारत की जमीनें बंजर हो गई थीं। केवल भारत ही नहीं, बल्कि चीन, ब्राजील और अफ्रीका के कई देशों में करोड़ों लोगों ने अपनी जान गंवाई थी। आखिर 1877 में ऐसा क्या हुआ था? न कोई युद्ध हुआ था और न ही कोई भूकंप आया था, लेकिन इतने लोगों की मौत क्यों हुई और भारत में इतना बड़ा अकाल क्यों पड़ा? इसका वैज्ञानिक, भौगोलिक और प्राकृतिक कारण था। भारत से हजारों किमी दूर समुद्र के पानी में होने वाली एक हलचल, जिसे पूरी दुनिया अल नीनो के नाम से जानती है और1877 में पूरी दुनिया ने उसी सुपर अल नीनो का प्रकोप झेला था।
श्री राय ने कहा कि आज पुनः 140 साल बाद 2026 में वह भौगोलिक घटना और प्रकृति में परिवर्तन दोबारा देखने को मिलने वाला है। कई मौसम वैज्ञानिकों का तो कहना है कि 2026 में मानव इतिहास की सबसे खतरनाक गर्मी अपना रिकॉर्ड तोड़ सकती है। दिल्ली में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार जा चुका है। राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बेंगलुरु के अंदर लगातार गर्मी बढ़ रही है। पूरे भारत में यह गर्मी तेजी से अपने पैर पसार रही है और इसका प्रकोप भी अब सीधे लोगों पर देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि 2024 में भी अल नीनो का प्रभाव देखा गया था और सबने भीषण लू को महसूस किया था। लेकिन इस बार का यह सुपर अल नीनो मानव सभ्यता पर और भी घातक प्रभाव छोड़ने वाला है। इससे बारिश कम हो जाती है और गर्मी का मौसम बढ़ जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि समुद्र का तापमान 2.9 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है, जिससे यह सुपर अल नीनो बेहद मारक और घातक बन जाएगा।

