सोहागपुर। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के बफर जोन में स्थित फोरसिथ रिसोर्ट के डिस्प्ले में रखे वन्यजीवों के आर्टिकल्स के मामले में रविवार को दो आरोपियों को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सोहागपुर की अदालत में प्रस्तुत किया गया। जहां से उन्हें 25 मार्च 2026 तक के ज्यूडिशियल रिमांड पर भेजा गया है।
वन विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार आज आरोपियों की जमानत पर माननीय न्यायालय द्वारा फैसला दिया जाएगा। बागड़ा बफर जोन रेंजर विलास डोंगरे ने बताया कि सात मार्च 2026 को वन विभाग ने फोरसिथ रिसोर्ट के डिस्प्ले में रखे गए वन्यजीवों के अवयवों की जप्ती बनाई गई थी। इन अवयवों में हिरण के सींग, सर्प की केंचुली तथा सेही वन्य जीव के कांटे शामिल थे। जिसके चलते वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए फोरसिथ रिसोर्ट के मैनेजर निपुन महतो तथा नेचुरलिस्ट फैज अंसारी आरोपी बनाए गए थे। रेंजर डोंगरे के अनुसार आरोपियों को रविवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी तेज़दीप सासन के न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उन्हें 25 मार्च 2026 तक की ज्यूडिशियल रिमांड पर पिपरिया उपजेल भेजा गया है। मामले में बचाव पक्ष के अधिवक्ता प्रतीक तिवारी ने कहा कि वन विभाग ने वन्यजीव अवयव सात मार्च 2026 को फोरसिथ रिसोर्ट से जप्त किए गए थे, लेकिन तत्काल आरोपियों को हिरासत में नहीं लिया गया। अतः आरोपियों को एक सप्ताह बाद हिरासत में लेने से वन विभाग द्वारा प्रकरण में गड़बड़ी की आशंका है। यह दलील भी तिवारी ने न्यायालय में प्रस्तुत की है। अधिवक्ता तिवारी के अनुसार आज सोमवार को आरोपियों की जमानत की अर्जी पर फैसला सुनाया जाएगा।
