सतना :जेल में निरुद्ध बंदियों का शैक्षणिक स्तर तो सुधरे ही बल्क इसके साथ-साथ उनका नैतिक बल बढ़े और व्यक्तित्व का विकास हो सके. इसे ध्यान में रखते हुए बंदियों के लिए समय समय पर शिक्षण-प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाते हैं. इसी कड़ी में केंद्रीय जेल सतना में आयोजित उल्लास-नवभारत साक्षरता मूल्यांकन परीक्षा 103 बंदियों सम्म्लिित हुए.अधीक्षक केंद्रीय जेल श्रीमती लीना कोष्टा ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला प्रौढ़ शिक्षा कार्यालय और संकुल केंद्र घूरडांग के सौजन्य से केंद्रीय जेल में उल्लास-नवभारत साक्षरता मूल्यांकन परीक्षा आयोजित की गई. जिसमें कुल 103 बंदी सम्मिलित हुए.
केंद्रीय जेल में यह परीक्षा कल्याण अधिकारी अनिरुद्ध कुमार तिवारी की देखरेख में आयोजित हुई. जिसमें पूरी तन्मयता के साथ सम्मिलित होकर बंदियों यह संदेश भी दिया कि वे अपना शैक्षणिक स्तर सुधारने के लिए स्वयं भी प्रयासरत हैं. जेल अधीक्षक श्रीमती कोष्टा ने आगे बताया कि जेल में परिरुद्ध बंदियों को आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनाने के लिए शिक्षण-प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जाता है. जेल में प्राप्त इस शिक्षण प्रशिक्षण का उपयोग करते हुए बंदी न सिर्फ आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार का भरण पोषण कर सकते हैं. बल्कि जिम्मेदार नागरिक बनकर समाज की मुख्य धारा से जुड़ते हुए वे समाज और देश के लिए अपना योगदान भी दे सकते हैं. जेल में निरुद्ध बंदियों के लिए शिक्षा के महत्व को देखते हुए उन्हें साक्षर बनाने, प्राथमिक शिक्षा, राष्ट्रभाषा परीक्षा, इग्रू शिक्षा और भोज शिक्षा प्रदान की जाती है.
