पांच साल में पहली बार एक दिन में 5113 प्रकरण निबटे

सीहोर। पांच साल में पहली बार लोक अदालत में 8 घंटों में 5 हजार 113 प्रकरणों के निराकरण का रिकार्ड बना है. लोक अदालत में इससे पहले वर्ष 2024 में कुल 3201 प्रकरणों का निराकरण किया गया था. हालांकि इस बार भले ही ज्यादा प्रकरणों का निराकरण किया हो, लेकिन समझौता राशि दो साल पहले के रिकार्ड से कम है.

रविवार को जिलेभर में आयोजित लोक अदालत में कुल 12 करोड़ 80 लाख 53 हजार 337 रुपए समझौता राशि की वसूली हो सकी. खास बात यह है कि इनमें आपसी समझौते के आधार पर न्यायालय में लंबित 1458 प्रकरणों का निराकरण किया गया. जिसमें समझौता राशि 8 करोड़ 59 लाख 88 हजार 750 जमा हुई. वहीं कुल 3685 प्रीञलिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण कर 4 करोड़ 20 लाख 64 हजार 587 रुपए समझौता राशि जमा की जा सकी. शनिवार को प्रधान जिला न्यायाधीश प्रकाश चंद्र आर्य ने न्यायालय परिसर में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया. इस दौरान प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय वैभव मण्डलोई, विशेष न्यायाधीश हेमंत जोशी, जिला न्यायाधीश स्मृतासिंह ठाकुर, जिला न्यायाधीश एमके वर्मा, विनीता गुप्ता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव स्वप्नश्री सिंह, न्यायाधीश दीपेन्द्र मालू सहित बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी और पक्षकार मौजूद थे. इस दौरान न्यायालय परिसर में बैंक, नगर पालिका, बिजली कंपनी के स्टॉल लगाकार प्रकरणों का निराकरण किया गया। राजीनामा करने वाले पक्षकारों को पौधे भी वितरित किए गए.

आवेदिका कली प्रजापति की शादी वर्ष 2012 में हुई थी. इस दौरान छोटी-छोटी बातों पर दोनों के बीच झग़ड़ा आदि हुआ था. जिसके बाद पत्नी अपने मायके जाकर रहने लगी थी. उनके दो बेटे भी हैं। न्यायालय में सुनवाई के दौरान न्यायाधीश और अभिभाषकों की समझाईश के बाद दोनों पति-पत्नी एक साथ रहने को तैयार हुए. इस दौरान उन्होंने न्यायालय में ही एक-दूसरे को माला पहनाई. इसी तरह मोटरदावा दुर्घटना दावा अधिकरण (क्लेम) के एक मामले में प्रधान जिला न्यायाधीश प्रकाश चंद्र आर्य ने पीडि़ता अरूणा आदि को में 25 लाख रुपए का अवार्ड पारित किया. ्रगौरतलब है कि पति की मृत्यु हो जाने के बाद उनकी पत्नी ने क्लेम प्रस्तुत किया था. लेकिन इसमें मृतक के परिजनों द्वारा आपत्ति लगाई गई थी। लेकिन शनिवार को लोक अदालत में प्राान जिला न्यायाधीश के प्रयासों से दोनों पक्षों में सुलह हुई 25 लाख रुपए का अवार्ड पारित किया गया. इसी तरह नेशनल लोक अदालत का आयोजन जिले के सभी तहसील मु़ख्यालयों पर किया गया जिसमें अनेक प्रकरण निराकृत किए गए.

 

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