
खण्डवा । जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने कड़ा रुख अपना लिया है। शुक्रवार को जनपद पंचायत खण्डवा के सभाकक्ष में जावर विकासखण्ड की समीक्षा बैठक लेते हुए कलेक्टर ने स्पष्ट कर दिया कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करने के प्रयासों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समीक्षा के दौरान जब यह सामने आया कि ग्राम अमलपुरा की एएनएम नीता तिरोले द्वारा पोर्टल पर गर्भवती महिलाओं के रक्तचाप की सही जानकारी अपडेट नहीं की गई है, तो कलेक्टर ने तत्काल उनकी दो वेतन वृद्धि रोकने के आदेश जारी कर दिए।
बैठक में कलेक्टर ने सख्त निर्देश दिए कि गर्भावस्था के नौ माह के दौरान हर महिला का कम से कम चार बार स्वास्थ्य परीक्षण अनिवार्य रूप से किया जाए और इसकी सटीक जानकारी पोर्टल पर दर्ज हो। उन्होंने विशेष रूप से एनीमिक गर्भवती महिलाओं के मामले में चिकित्सा अधिकारियों और एएनएम को अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा। संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उन्होंने निर्देश दिए कि बडग़ांवमाली और बडग़ांव गुर्जर में विशेष शिविर लगाकर स्वास्थ्य जांच की जाए, साथ ही बमनगांव अखाई और पिपल्याफूल में किशोरी बालिकाओं को आयरन टैबलेट की महत्ता समझाने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाए।बुजुर्गों के स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए कलेक्टर गुप्ता ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ ओपी जुगतावत को 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी शेष वृद्धजनों के आयुष्मान कार्ड अगले 7 दिनों के भीतर बनाने की समय-सीमा तय की है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में ई-संजीवनी सुविधा का लाभ हर मरीज तक पहुँचाने पर जोर दिया। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जुगतावत, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ रश्मि कौशल और डीपीएम शैलेंद्र सोलंकी सहित विभाग के अन्य अधिकारी व सुपरवाइजर्स मौजूद थे, जिन्हें क्षय रोग नियंत्रण, परिवार कल्याण और टीकाकरण जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रमों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए गए।
अधूरी पेयजल योजनाएं जल्द पूरी करें
बैठक में ही जिले में संचालित नल-जल योजनाओं की समीक्षा की। कलेक्टर ने अधूरी योजनाओं वाले गांवों के सरपंच-सचिवों से चर्चा कर निर्देश दिए कि सभी योजनाएं माह के अंत तक पूर्ण की जाएं। पूर्ण योजनाओं का संयुक्त निरीक्षण कर कमियां दूर कर पंचायतों को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए। साथ ही जलकर की नियमित वसूली और ग्रीष्म से पहले सभी पंचायतों में पेयजल व्यवस्था सुचारु करने पर जोर दिया।
