कमर्शियल गैस बंद, चाय के बाद पोहा-समोसा भी महंगा

सीहोर/आष्टा। जिले में 5 मार्च से कमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति बंद होने से होटल, रेस्टोरेंट और हलवाई कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. व्यवसायियों का कहना है कि यदि अगले तीन-चार दिन में सप्लाई बहाल नहीं हुई तो कई दुकानों को बंद करना पड़ सकता है. फिलहाल अधिकांश होटल और रेस्टोरेंट पुराने स्टॉक के सहारे काम चला रहे हैं, जो जल्द खत्म होने की स्थिति में है.

इन दिनों ऑफलाइन बुकिंग पूरी तरह बंद हो गई है. ऑनलाइन बुकिंग में 30 फीसदी तक वृद्धि हो गई है. गैस एजेंसियों के कार्यालय व गोदाम पर सुबह से लंबी-लंबी लाइन लग रही हैं, लेकिन गैस की आपूर्ति नहीं हो पा रही है. गैस एजेंसी संचालक भी कुछ कहने की स्थिति में नहीं हैं. गौरतलब है कि सीहोर शहर में करीब 70 हजार घरेलू और 300 कमर्शियल गैस कनेक्शन हैं. बीते करीब एक सप्ताह से कमर्शियल गैस की आपूर्ति बंद हो गई है, अभी होटल, रेस्टोरेंट संचालक पुराने स्टॉक से काम चला रहे हैं, लेकिन आने वाले तीन से चार दिन में पुराना स्टॉक खत्म हो जाएगा, उसके बाद काफी दिक्कत पैदा होने वाली है. ऐसे में शहर के छोटे दुकानदार मजबूरी में कमर्शियल गैस सिलेंडर की जगह घरेलू सिलेंडर का उपयोग कर रहे हैं. वहीं घरेलू गैस सिलेंडर की डिलीवरी भी अब 20 से 25 दिन बाद हो रही है। पहले जहां एक-दो दिन में सिलेंडर मिल जाता था, वहीं अब गैस एजेंसियों के गोदामों पर सुबह से लंबी कतारें लग रही हैं.

इस मामले में शहर के रेस्टोरेंट संचालक राजू कौशल से चर्चा की गई तो उनका कहना था कि गैस की कमी से काम काफी प्रभावित हो रहा है। शादी-विवाह के ऑर्डर हैं, लेकिन उन्हें पूरा करना मुश्किल हो रहा है. हॉकरों को फोन करने पर भी जवाब नहीं मिल रहा. यदि यही स्थिति रही तो कई होटल और रेस्टोरेंट बंद करने की नौबत आ सकती है. इसी तरह घरेलू रसोई गैस उपभोक्ता शशि तिवारी ने बताया कि रसोई गैस की किल्लत की खबर सुनकर हम एडवांस में सिलेंडर लेकर रख रहे हैं. अंतरराष्ट्रीय हालात के कारण सप्लाई प्रभावित होने की आशंका है और आगे कीमतें भी बढ़ सकती हैं. वहीं इस मामले में गैस एजेंसी संचालक मुस्तफा हुसैन का कहना है कि पहले 16 दिन में बुकिंग हो जाती थी, अब करीब 25 दिन लग रहे हैं. फिलहाल स्टॉक उपलब्ध नहीं है बिना केवाईसी के ऑनलाइन बुकिंग नहीं हो रही. हमारे पास से बुकिंग के सभी पॉवर खत्म हो गए हैं. हालांकि शहर में घरेलू गैस की कोई कमी नहीं है, लेकिन कमर्शियल गैस की सप्लाई फिलहाल पूरी तरह बंद है.

चाय महंगी, पोहा- समोसा के दाम भी बढऩे के आसार

गैस की कमी का असर अब बाजार की कीमतों पर भी दिखने लगा है। कई दुकानदारों ने चाय बनाना बंद कर दिया है, जबकि कुछ ने 5 रुपए में मिलने वाली चाय दो रुपए बढ़ाकर 7 रुपए कर दी है. दुकानदारों का कहना है कि यदि गैस की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हुई तो पोहा और समोसा की कीमतों में भी दो से पांच रुपए तक की बढ़ोतरी करनी पड़ सकती है.

लकड़ी और डीजल भट्टी की व्यवस्थाओं में जुटे

एलपीजी नहीं मिलने से कई होटल और रेस्टोरेंट संचालक अब वैकल्पिक व्यवस्था की तलाश में हैं. कुछ दुकानदारों ने लकड़ी की भट्टी लगाने की तैयारी शुरू कर दी है, तो कुछ ने डीजल भट्टी का सहारा लेना शुरू कर दिया है. वहीं कई होटल संचालकों ने मेन्यू में भी कटौती कर दी है। गैस संकट के बीच डीजल भट्टी की मांग बढ़ गई है. दुकानदारों के मुताबिक पहले जो भट्टी करीब 8 हजार रुपए में मिलती थी, अब उसकी कीमत 12 से 15 हजार रुपए तक पहुंच गई है.

एसडीएम ने किया सिलेंडर गोदामों का निरीक्षण

उधर, आष्टा में एसडीएम नितिन टाले, आष्टा थाना प्रभारी तथा कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी द्वारा एलपीजी वितरकों के साथ बैठक आयोजित की गई और कमर्शियल एवं घरेलू सिलेंडरों के स्टॉक की उपलब्धता की समीक्षा की गई. उन्होंने निर्देश दिए कि वितरक स्तर पर एलपीजी सिलेंडर की कोई जमाखोरी और कालाबाजारी की स्थिति पाए जाने पर सख्त कार्यवाही की जाएगी. उन्होंने आष्टा के अनेक गैस एजेंसियों के गेादामों का भी निरीक्षण किया.

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