ईंधन टैंकरों और देश की ऊर्जा सुरक्षा के बारे में विदेश मंत्री ईरान के निरंतर संपर्क में : विदेश मंत्रालय

नयी दिल्ली 12 मार्च (वार्ता) पश्चिम एशिया संकट से ईंधन की आपूर्ति श्रृंखला पर प्रभावों के बीच भारत ने स्पष्ट किया है कि वह इस क्षेत्र से आने वाले भारत के ईंधन टैंकरों तथा देश की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर ईरान के साथ निरंतर संपर्क बनाये हुए है और विदेश मंत्री डा एस जयशंकर ने इस बारे में अपने ईरानी समकक्ष अब्बास अराघची के साथ हाल के दिनों में तीन बार बात की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को यहां साप्ताहिक ब्रीफिंग में ईरान के साथ बातचीत के बारे में पूछे गये सवाल के जवाब में कहा,” पिछले कुछ दिनों में विदेश मंत्री और ईरान के विदेश मंत्री के बीच तीन बार बातचीत हुई है। अंतिम बातचीत में शिपिंग की सुरक्षा और भारत की ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गयी। ” उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर इसके अलावा अभी मेरे लिए कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।

उल्लेखनीय है कि ईरान पर अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई के बाद से पश्चिम एशिया और खाड़ी देशों से तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है और ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य को बंद करने की चेतावनी दी है। इस मार्ग से वैश्विक ईंधन आपूर्ति का 25 से 30 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है।
पोत परिवहन मंत्रालय में विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बुधवार को कहा था कि जहां तक समुद्री क्षेत्र का सवाल है अभी भारतीय ध्वज वाले 28 जहाज़ फारस की खाड़ी में संचालित हो रहे हैं। इनमें से 24 जहाज़ होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पश्चिम में हैं जिन पर 677 भारतीय नाविक कार्यरत हैं और 4 जहाज़ होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पूर्वी भाग में हैं जिनपर 101 भारतीय नाविक कार्यरत हैं। इन सभी जहाज़ों और नाविकों की सुरक्षा के लिए सरकार सक्रिय निगरानी कर रही है।

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