
उज्जैन। शहर में धोखाधड़ी के मामलों में इजाफा होता ही जा रहा है। कभी ऑनलाइन ठगी तो कभी प्लॉटों के सौदों में धोखाधड़ी हो रही है। इसी क्रम में न्यूरो सर्जन के साथ प्रॉपर्टी खरीदने के नाम पर 35 लाख की धोखाधड़ी होने के मामले में पुलिस द्वारा प्रकरण दर्ज किया गया है। वहीं अब आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। नीलगंगा थाना पुलिस ने बताया कि संत कबीर नगर में रहने वाले डॉ. रूपेश पिता प्रेमनारायण खत्री न्यूरो सर्जन हैं। उन्होंने वर्ष 2024 में प्रापर्टी डीलर कमलेश से मित्रनगर में मकान खरीदने के लिये संपर्क किया था। कमलेश ने मकान दिखाया और 35 लाख रूपये कीमत बताई । डॉक्टर खत्री ने 20 लाख रूपये हरिफाटक ब्रिज के पास दिये और 15 लाख कमलेश के घर पर पहुंचकर दिये। 35 लाख देने के बाद कमलेश ने छलपूर्वक मकान की रजिस्ट्री अपने नाम करा ली। काफी समय तक मकान नहीं मिलने और रजिस्ट्री नहीं कराने पर कमलेश से डॉ. खत्री ने संपर्क किया तो आनाकानी करने लगा। जानकारी जुटाने पर सामने आया कि प्रापर्टी डीलर ने धोखाधड़ी कर रजिस्ट्री अपने नाम करा ली है। डॉ. खत्री द्वारा मामले की शिकायत नीलगंगा थाना पुलिस को दर्ज कराई। पुलिस ने जांच के बाद मामले में धोखाधडी का प्रकरण दर्ज कर आरोपी कमलेश की गिरफ्तारी के प्रयास शुरू किये है।
