
ग्वालियर। अटल बिहारी वाजपेयी दिव्यांग खेल प्रशिक्षण संस्थान में आज से उमोया स्पोर्टस द्वारा राष्ट्रीय व्हीलचेयर अल्टीमेट टूर्नामेंट का आयोजन होने जा रहा है। देश में उपरोक्त खेल का यह पहला राष्ट्रीय आयोजन हैं,जिसको लेकर विकलांग खिलाड़ियों में भारी उत्साह है। इस टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए देश के अलग-अलग राज्यों से 10 पुरूष एवं चार महिला टीमें ग्वालियर आ चुकी हैं। टूर्नामेंट के मैच गुरूवार सुबह 8 बजे से आरंभ हो जाएंगे। ओपनिंग सेरेमनी सुबह 11 बजे होगी,जिसमें जनप्रतिनिधि एवं खेलों से जुड़ी हस्तियां मौजूद रहेंगी।
उमोया फाउंडेशन के फाउंडर एवं टूर्नामेंट के कोर्डिनेटर आदित्य केवी ने बताया कि पुरूष वर्ग में दिल्ली, हरियाणा, एमपी, यूपी, महाराष्ट्र, राजस्थान, पंजाब, उत्तराखंड, गुजरात के साथ भारत की टीम भाग लेगी। इसी तरह महिला वर्ग में दिल्ली, हरियाणा, गुजरात, उत्तराखंड की टीमें इस टूर्नामेंट में शिरकत करेंगी। पूरे टूर्नामेंट कुल 40 मैच होंगे। राउंड रॉबिन के बाद दो सेमीफाइनल एवं 14 मार्च को फाइनल खेला जाएगा।
*क्या होता है व्हीलचेयर अल्टीमेट गेम*
व्हीलचेयर अल्टीमेट मुख्य रूप से शारीरिक रूप से अक्षम (दिव्यांग) व्यक्तियों के लिए डिजाइन किया गया एक तेज गति वाला, समावेशी और टीम गेम है, जिसे एक उड़न तश्तरी के साथ खेला जाता है। यह व्हीलचेयर बास्केटबॉल एवं व्हीलचेयर रग्बी से मिलता जुलता है। उनमेें बॉल और इसमें डिश( उड़नतस्तरी) का उपयोग किया जाता है। जिसमें खिलाड़ी डिस्क को पास करके विरोधी टीम की गोल रेखा के पार कर अंक हासिल करते हैं, इसी के आधार पर हार जीत होती है।। एक टीम में चार खिलाड़ी खेलते हैं। किसी खिलाड़ी के चोटिल होने पर दो खिलाड़ी रिर्जव में तैयार रहते हैें।
*10 गोल या 40 मिनट की समय सीमा*
यह गेम आमतौर पर दो हाफ में होता है और 10 गोल या 40 मिनट की समय सीमा (जो भी पहले हो) के साथ खेला जाता है। यह दिव्यांग एथलीटों द्वारा बनाया गया एक खेल है, जिसे अब विश्वस्तर पर मान्यता मिल है। व्हीलचेयर अल्टीमेट में अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट के लिए भारत का चयन हुआ था,लेकिन समय पर बीजा नहीं मिलने के कारण टीम खेलने नहीं जा पाई थी।
