
चंदला। कस्तूरबा गांधी छात्रावास चंदला में 15 वर्षों से कार्यरत रसोइया को बिना नोटिस और बिना कारण बाहर किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित महिला अब न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है।
जानकारी के अनुसार संतोष कुमारी वर्मा पति उमेश वर्मा वर्ष 2008 से कस्तूरबा गांधी छात्रावास चंदला में रसोइया के पद पर कार्यरत थीं,
लेकिन वर्ष 2023 में बिना किसी लिखित नोटिस और बिना कारण बताए उन्हें कार्य से बाहर कर दिया गया।
पीड़ित महिला का आरोप है कि उन्हें हटाने के बाद फर्जी दस्तावेज तैयार कर नोटिस दिए जाने का दिखावा किया गया और अधिकारियों को गुमराह किया जा रहा है।
महिला का कहना है कि पिछले चार वर्षों से वह न्याय के लिए लगातार शिकायतें कर रही है, लेकिन अब तक कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई।
आरोप है कि उपस्थिति पंजी तक फर्जी बनाकर अधिकारियों को भेजी जा रही है।
महिला का कहना है कि उन्हें हटाने के बाद आज तक किसी अन्य रसोइया की भर्ती भी नहीं की गई।
अब पीड़ित महिला ने शासन-प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाने और नौकरी बहाल करने की मांग की है।
