जबलपुर: न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उड़द और मूंग की खरीदी के दौरान जहां एक ओर खरीदी केंद्रों पर अमानक उड़द- मूंग मिल रही है तो वहीं दूसरी ओर खुद को किसान बताने वाले व्यापारी मूंग को पास करने के लिए सर्वेयर पर दवाब बना रहे हैं, जिससे विवाद भी सामने आ रहे हैं। हाल ही में जिले के एम एल टी वेयरहाउस में विवाद सामने आया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एम एल टी वेयरहाउस में बसेड़ी समिति को खरीदी का जिम्मा दिया है, यहां सोमवार को कुछ लोगों ने केंद्र में तैनात सर्वेयर राहुल देव पांडे के साथ झूमाझपकी और मारपीट की थी। वेयरहाउस में मौजूद कुछ लोगों के अनुसार ये लोग खुद को किसान बताते हैं, लेकिन वास्तव में वह मूंग के व्यापार से जुड़े हुए हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नए सर्वेयर पर पुराने स्टॉक और अमानक श्रेणी के अनाज को पास करने का दबाव बनाया जा रहा था। जब उन्होंने ऐसा करने से मना किया तो विवाद बढ़ गया और मारपीट तक नौबत आ गई।
दो दिन पहले मिली थी अमानक उड़द- मूंग
उल्लेखनीय है कि दो दिन पहले कृषि अधिकारियों ने एम एल टी वेयरहाउस का निरीक्षण किया था। जहां नॉन एफएक्यू मूँग के दो और उड़द का एक ढेर पाया गया था, जिसे किसानों को वापस करने के निर्देश समिति प्रबंधक को दिये गये। समिति इस घटना के बाद पुराने सर्वेयर को हटा दिया गया और सोमवार को नए सर्वेयर की नियुक्ति की गई।
नए सर्वेयर ने पास करने से कर दिया इनकार
नए सर्वेयर का कहना है कि उसके कार्यभार संभालने के बाद जो तुलाई होगी, वही मान्य की जाएगी। पहले से तुलाई किए गए स्टॉक को उसकी आईडी से पास नहीं किया जाएगा। पहले का स्टॉक संदिग्ध होने के कारण उसकी गुणवत्ता और मात्रा की अलग से जांच होना चाहिये। क्योंकि उक्त केंद्र पर अतिरिक्त स्टॉक होने की बात भी कही जा रही है। इस विवाद का कारण स्पष्ट रूप से पुराना स्टॉक बताया जा रहा है, जिसे नए सर्वेयर ने पास करने से इनकार कर दिया।
विवाद की जड़ में किसान या व्यापारी
सूत्रों के अनुसार, इस मामले में संजय ठाकुर तेवर, विनीत पटेल, गोविंद पटेल (गोटेगांव), गोलू पटेल और मनीष पटेल के नाम सामने आए हैं। इनमें से कुछ लोगों ने हाथापाई की घटना को अंजाम दिया। सवाल यह भी उठ रहा है कि जिन लोगों की तुलाई और भुगतान पहले ही हो चुका था, वे अब भी केंद्र में क्यों मौजूद थे? साथ ही साथ यह भी देखा जाना चाहिए कि इन लोगों का वर्तमान में केंद्र पर कोई स्लॉट है भी या नहीं।
इनका कहना है
केंद्र पर कुछ लोगों का विवाद हुआ था, जिसकी सूचना मिली थी। आज अधिकारियों के साथ केंद्र में जायजा लिया और खरीदी निर्धारित रूप से चल रही है।
डॉ एस के निगम, कृषि उपसंचालक
