अभिनेता बनने का सपना देखने वाले मोहित चौहान ने अपनी आवाज से संगीत जगत में खास पहचान बनाई। सिल्क रूट से करियर शुरू कर उन्होंने ‘तुम से ही’ और ‘मसकली’ जैसे कई सुपरहिट गाने दिए।
बॉलीवुड के मशहूर गायक मोहित चौहान का जन्म 11 मार्च 1966 को हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के नाहन में हुआ था। मोहित चौहान आज अपना 60वां जन्मदिन मना रहे हैं। उनके पिता सरकारी नौकरी में थे, जिसके कारण परिवार को अक्सर अलग-अलग शहरों में रहना पड़ता था। बचपन से ही उनका रुझान संगीत और अभिनय दोनों में था।
मोहित चौहान ने अपने भाई के साथ गाने का अभ्यास किया और अपने दादा से प्रेरणा ली, जो शास्त्रीय संगीत के अच्छे जानकार थे और हारमोनियम बजाते थे। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि शुरुआत में वह अभिनय की दुनिया में करियर बनाना चाहते थे। इसी वजह से उन्होंने थिएटर में काम किया और प्रतिष्ठित संस्था नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में दाखिला लेने की भी कोशिश की थी। हालांकि किस्मत ने उन्हें संगीत की दुनिया की ओर मोड़ दिया।
सिल्क रूट बैंड से मिली पहचान
मोहित चौहान के संगीत करियर की शुरुआत मशहूर इंडी बैंड सिल्क रूट से हुई। उन्होंने अपने साथियों केम त्रिवेदी, अतुल मित्तल और केनी पुरी के साथ मिलकर इस बैंड की स्थापना की थी। बैंड का पहला एल्बम बूंदें काफी लोकप्रिय हुआ। इस एल्बम का गाना डूबा डूबा युवाओं के बीच जबरदस्त हिट साबित हुआ और इससे मोहित चौहान को एक नई पहचान मिली।
बॉलीवुड में मिली बड़ी सफलता
बॉलीवुड में उनका सफर 2002 में फिल्म रोड के गाने ‘पहले नजर में डरी थी’ से शुरू हुआ। इसके बाद उन्होंने कई फिल्मों में अपनी आवाज दी, लेकिन असली पहचान उन्हें रंग दे बसंती के गाने ‘खून चला’ और जब वी मेट के सुपरहिट गीत तुमसे ही से मिली। इसके बाद मोहित चौहान ने कई यादगार गाने दिए, जिनमें मसकली, साड्डा हक, जो भी मैं और तुझे भुला दिया शामिल हैं।
कई भाषाओं में गाए गाने
मोहित चौहान ने हिंदी के अलावा बंगाली, कन्नड़, तमिल, पंजाबी और गुजराती जैसी कई भाषाओं में भी गाने गाए हैं। उनकी सुरीली आवाज और भावनाओं से भरी गायकी ने उन्हें लाखों संगीत प्रेमियों का पसंदीदा बना दिया। उनके योगदान के लिए उन्हें कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है, जिनमें फिल्मफेयर पुरस्कार, IIFA पुरस्कार और ज़ी सिने पुरस्कार शामिल हैं।
