शिवपुरी : जिले के पिछोर थाना क्षेत्र में इंसानियत को शर्मसार करने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है जहाँ एक तथाकथित दोस्त ने ही अपने साथी के विश्वास का कत्ल कर दिया। पुलिस ने अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाते हुए आरोपी अतर सिंह आदिवासी को सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है। जिस दोस्त के साथ बैठकर मृतक ने जाम छलकाए थे उसी ने पत्थर से सिर कुचलकर उसकी जीवन लीला समाप्त कर दी। पुलिस ने हत्यारे को न्यायालय में पेश कर उसे उसके किए की सजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पिछोर थाना प्रभारी नीतू सिंह अहिरवार के नेतृत्व में पुलिस ने इस हत्याकांड का खुलासा किया है। कटाई वाला नाला चाली की डांग मौजा कछीआ के बीहड़ जंगल में एक जामुन के पेड़ के नीचे युवक की लाश मिलने से सनसनी फैल गई थी। कातिल ने इतनी बेरहमी दिखाई थी कि मृतक का चेहरा पत्थर से कुचलकर पहचान मिटाने की कोशिश की गई थी। बाद में रूपनवारा निवासी बाबूलाल आदिवासी ने शिनाख्त की कि मृतक उसका बेटा सोनू आदिवासी है।
पुलिस ने अज्ञात हमलावर के खिलाफ धारा 103(1) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया।पुलिस की पैनी नजरों ने शक के घेरे में आए काछीपुरा नांद निवासी 32 वर्षीय अतर सिंह आदिवासी को दबोचा। जब पुलिसिया अंदाज में सख्ती से पूछताछ हुई तो आरोपी के सब्र का बांध टूट गया और उसने जो सच उगल दिया। अतर सिंह ने कबूल किया कि उसने रात को सोनू को अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाया और शराब की पार्टी की। जब सोनू नशे में चूर होकर बेसुध हो गया तो अतर सिंह उसे मौत के मुहाने तक ले गया। जंगल के सन्नाटे में जामुन के पेड़ के नीचे उसने एक भारी पत्थर उठाया और सोनू के सिर पर तब तक प्रहार किए जब तक उसके प्राण पखेरू नहीं उड़ गए।
