दिल्ली, यूपी, बिहार समेत देश के कई हिस्सों में गर्मी का असर बढ़ने लगा है। तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। अब दिन के समय गर्मी का एहसास होने लगा है। जानिए आज का मौसम।
मार्च का महीना अभी आधा भी नहीं बीता है, लेकिन कुदरत के बदलते मिजाज ने हर किसी को हैरत में डाल दिया है। एक तरफ जहां सुबह की हल्की गुलाबी ठंड अब बीते दिनों की बात होती जा रही है, वहीं दूसरी तरफ सूरज के तीखे तेवर अभी से पसीने छुड़ाने लगे हैं। देशभर के कई हिस्सों में गर्मी ने समय से पहले दस्तक दे दी है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने लगा है। लेकिन मौसम की यह लुकाछिपी यहीं खत्म नहीं होती।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने ताजा पूर्वानुमान में एक तरफ तपती गर्मी और ‘लू’ की चेतावनी जारी की है, तो दूसरी तरफ 8 राज्यों में झमाझम बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट भी दिया है। यह विरोधाभासी मौसम न केवल हमारी सेहत के लिए चुनौती है, बल्कि किसानों और मुसाफिरों के लिए भी चिंता का सबब बन गया है।
राजस्थान और गुजरात में चलने लगी ‘लू’
मौसम विभाग के आंकड़े बता रहे हैं कि उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों, गुजरात और मध्य प्रदेश में तापमान सामान्य से काफी ऊपर जा चुका है। आलम यह है कि 11 मार्च तक इन इलाकों में पारा सामान्य से 4 से 6 डिग्री सेल्सियस अधिक रहने की संभावना है। विशेष रूप से राजस्थान, विदर्भ और गुजरात के लोगों के लिए आने वाले दिन भारी पड़ सकते हैं, क्योंकि यहां ‘लू’ चलने की आधिकारिक चेतावनी जारी कर दी गई है।
दिन के चढ़ते पारे के साथ-साथ अब रातें भी उतनी सुकून भरी नहीं रहीं। बढ़ती गर्मी का असर अब रात के तापमान पर भी दिखने लगा है, जिससे लोगों की नींद खराब हो रही है। यह बदलाव हमें संकेत दे रहा है कि इस साल गर्मी अपने पुराने कई रिकॉर्ड तोड़ सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले कुछ ही दिनों में तापमान में 3 से 4 डिग्री तक की और बढ़ोतरी देखी जा सकती है।
पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानों में ओले
एक ओर जहां राजस्थान और गुजरात तप रहे हैं, वहीं देश का एक बड़ा हिस्सा ऐसा भी है जहां बादलों के गरजने और बिजली कड़कने की तैयारी है। मौसम विभाग ने एक नए ‘पश्चिमी विक्षोभ’ के सक्रिय होने की पुष्टि की है, जिसका असर पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में 15 मार्च तक बना रहेगा। इसका सीधा मतलब यह है कि जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी का दौर जारी रहेगा।
मैदानी इलाकों की बात करें तो बिहार और झारखंड के लोगों को भी संभलकर रहने की जरूरत है। 10 और 11 मार्च के दौरान इन दोनों राज्यों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की पूरी संभावना है। केवल यही नहीं, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में भी 15 मार्च तक रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला चलता रहेगा। दक्षिण भारत के केरल और माहे में भी 10 मार्च को बिजली कड़कने के साथ हल्की फुल्की फुहारें पड़ सकती हैं। सबसे ज्यादा चिंता की बात 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाएं और ओलावृष्टि है, जो जम्मू-कश्मीर और हिमाचल में 10 से 12 मार्च के बीच तबाही मचा सकती हैं।
दिल्ली-NCR और यूपी में क्या मार्च में ही टूटेंगे रिकॉर्ड?
देश की राजधानी दिल्ली और सटे हुए उत्तर प्रदेश के इलाकों में फिलहाल बारिश की कोई बड़ी उम्मीद नजर नहीं आ रही है। दिल्ली में गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है और आज यानी 10 मार्च को अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। हालांकि, आसमान में हल्के बादलों की आवाजाही बनी रहेगी, लेकिन ये बादल प्यासी धरती को राहत देने के बजाय केवल उमस बढ़ा सकते हैं। मौसम विभाग का कहना है कि अगले चार दिनों में दिल्ली के तापमान में 2 से 3 डिग्री का और उछाल आएगा।
उत्तर प्रदेश में भी स्थिति कुछ ऐसी ही बनी हुई है। यहां फिलहाल बारिश का कोई बड़ा अलर्ट नहीं है और रात का तापमान भी सामान्य दर्ज किया जा रहा है। दिल्ली, लखनऊ और पटना जैसे शहरों में न्यूनतम तापमान 19 से 23 डिग्री के बीच बना हुआ है, जो यह दर्शाता है कि धीरे-धीरे रात की ठंडक भी विदा ले रही है। अगर आप इन दिनों बाहर निकलने की योजना बना रहे हैं, तो बढ़ती धूप और लू के थपेड़ों से बचने के इंतजाम जरूर कर लें।
खेती से लेकर सेहत तक सब दांव पर!
मौसम के इस दोहरे वार का सीधा असर आम आदमी की रसोई और सेहत पर पड़ता है। मार्च में अचानक बढ़ती गर्मी रबी की फसलों, खासकर गेहूं के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है, क्योंकि पकने के समय अधिक गर्मी दानों को सुखा सकती है। वहीं, जिन इलाकों में ओलावृष्टिऔर तेज हवाओं का अलर्ट है, वहां खड़ी फसलों को गिरने का डर सता रहा है। सेहत के नजरिए से देखें तो यह ‘फ्लु’ का मौसम है। एक तरफ लू का खतरा और दूसरी तरफ अचानक होने वाली बारिश शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को परखती है। डॉक्टरों की सलाह है कि इस बदलते मौसम में ठंडे और गर्म के मेल से बचें और पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें। फिलहाल, 15 मार्च तक मौसम का यह ‘कॉकटेल’ जारी रहने वाला है, इसलिए सतर्क रहना ही बचाव है।
