ईरान में मोजतबा खामेनेई के नए सुप्रीम लीडर बनने के बाद तेल की कीमतें 120 डॉलर तक पहुंच गई हैं। पाकिस्तान और बांग्लादेश में ईंधन बचाने के लिए स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं।
ईरान में नए सर्वोच्च नेता के रूप में मोजतबा खामेनेई की नियुक्ति ने वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था में एक नई हलचल पैदा कर दी है जिससे तनाव बढ़ गया है। इस बड़े बदलाव के साथ ही ईरान ने दुनिया को साफ संदेश दिया है कि वह झुकने के बजाय एक लंबी और निर्णायक जंग के लिए पूरी तरह तैयार है। ईरानी नेतृत्व परिवर्तन के इस दौर में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें अब रिकॉर्ड स्तर को छूकर आम आदमी की जेब पर भारी पड़ रही हैं। इस संकट ने विशेष रूप से दक्षिण एशिया के देशों को प्रभावित किया है जहां ईंधन की भारी किल्लत के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है।
तेल की कीमतों में भारी उछाल
ईरान द्वारा युद्ध तेज करने के संकेत मिलते ही वैश्विक तेल बाजार में हाहाकार मच गया और सोमवार को ब्रेंट क्रूड की कीमत 120 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई। वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट भी तेजी से बढ़कर 119.48 डॉलर के स्तर को पार कर गया है जिससे पूरी दुनिया में शिपिंग और प्रोडक्शन सेक्टर पर बड़ा खतरा मंडराने लगा है। फाइनेंशियल मार्केट में भी इस बड़ी उथल-पुथल के कारण भारी गिरावट देखी गई है जो आने वाले समय में एक गंभीर वैश्विक आर्थिक मंदी की ओर स्पष्ट इशारा कर रही है।
पाकिस्तान और बांग्लादेश में संकट
ईंधन बचाने के लिए पाकिस्तान ने अगले दो हफ्तों के लिए सभी स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए हैं और सरकारी मंत्रियों एवं सांसदों के वेतन में भी भारी कटौती की है। बांग्लादेश में भी बिजली और तेल की बढ़ती खपत को कम करने के लिए सभी यूनिवर्सिटीज को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया है ताकि देश के पावर सिस्टम पर दबाव कम हो। पाकिस्तान में 50 प्रतिशत सरकारी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम का आदेश दिया गया है ताकि सड़कों पर वाहनों की संख्या कम हो और कीमती ईंधन की बचत की जा सके।
भारत पर स्थिति और प्रभाव
भारतीय पेट्रोलियम मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार भारत के पास वर्तमान में तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है और वह रूस जैसे अन्य मित्र देशों से लगातार तेल की खरीद कर रहा है। हालांकि घरेलू मोर्चे पर बेंगलुरु के कुछ होटलों में गैस की सप्लाई प्रभावित होने की खबरें आई हैं जिससे वहां के होटल एसोसिएशन ने अपनी चिंता जाहिर करते हुए चेतावनी दी है। फिलहाल भारत सरकार का कहना है कि देश में तेल की कीमतों में तुरंत बढ़ोतरी करने की कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि सरकार ने समय रहते वैकल्पिक व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं।
वैश्विक सुरक्षा और बढ़ता तनाव
ईरान ने इजराइल और अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर अपने हमले काफी तेज कर दिए हैं जिससे मिडिल ईस्ट के पूरे क्षेत्र में तनाव अब अपनी चरम सीमा पर पहुंच गया है। बहरीन ने गंभीर आरोप लगाया है कि ईरानी हमलों के कारण उसके मुख्य रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स और पानी के डीसेलिनेशन प्लांट को भारी नुकसान हुआ है जिससे आम जनता को कठिनाई हो रही है। होर्मुज स्ट्रेट में मिसाइल और ड्रोन हमलों के बढ़ते खतरे ने सऊदी अरब और यूएई जैसे देशों से होने वाली तेल की सप्लाई को लगभग पूरी तरह से रोक दिया है।
