जयपुर | अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में जयपुर में आयोजित ‘मां पन्नाधाय नारी शक्ति’ महोत्सव में बॉलीवुड अभिनेत्री रवीना टंडन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। इस दौरान उन्होंने भारत की समृद्ध विरासत की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे पूरी दुनिया घूम चुकी हैं, लेकिन भारतीय संस्कृति और इतिहास जैसा गौरव कहीं और नहीं है। रवीना ने रेखांकित किया कि जब पश्चिमी देशों में महिलाओं को वोट देने तक का अधिकार नहीं था, तब हमारे देश की रानियां और राजकुमारियां शिक्षा, साहित्य और घुड़सवारी में नेतृत्व कर रही थीं। उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में महिलाओं के बढ़ते वर्चस्व पर जोर देते हुए कहा कि आज कार्यक्षेत्र में महिलाएं पूरी तरह स्वतंत्र और ‘बॉस’ की भूमिका में हैं।
महोत्सव के विशेष सत्र ‘मेरी कहानी, मेरी जुबानी’ में रवीना टंडन ने राजस्थान के प्रति अपने विशेष प्रेम को साझा किया। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि जयपुर आने पर उन्हें ऐसा महसूस होता है जैसे उनका पिछले जन्म का कोई नाता इस मिट्टी से रहा है। उन्हें यहां की ‘बाजरे की खिचड़ी’ और ‘कैर-सांगरी’ की सब्जी बेहद पसंद है। अभिनेत्री ने नगर निगम ग्रेटर की महापौर सौम्या गुर्जर द्वारा आयोजित ‘शक्ति वंदन’ कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे मंच महिलाओं को अपना टैलेंट दिखाने और आर्थिक रूप से सशक्त होने का अवसर प्रदान करते हैं।
महिलाओं की बहुमुखी भूमिका पर चर्चा करते हुए रवीना ने स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि एक महिला घर और दफ्तर दोनों को संभालती है, जिसे समाज देवी का दर्जा देता है, लेकिन इस भागदौड़ में वह अपना ख्याल रखना भूल जाती है। खुद को फिट रखने का राज बताते हुए उन्होंने कहा कि वह रोजाना योग और सूर्य नमस्कार करती हैं। उन्होंने महिलाओं को सलाह दी कि वे अपने परिवार के साथ-साथ खुद के लिए भी प्रतिदिन कम से कम 30 से 40 मिनट निकालें। तंदुरुस्त रहकर ही महिलाएं अपने करियर और गृहस्थी के बीच बेहतर संतुलन बना सकती हैं।

