बर्मिंघम | भारतीय बैडमिंटन सनसनी लक्ष्य सेन ने बर्मिंघम में जारी ऑल इंग्लैंड ओपन चैंपियनशिप के सेमीफाइनल में कनाडा के विक्टर लाई को हराकर इतिहास रच दिया है। एक घंटे 37 मिनट तक चले इस मैराथन मुकाबले में लक्ष्य ने अपनी शारीरिक क्षमता और मानसिक मजबूती का परिचय देते हुए 21-16, 18-21, 21-15 से जीत दर्ज की। इस जीत के साथ ही लक्ष्य सेन महान प्रकाश पादुकोण के बाद दो बार ऑल इंग्लैंड फाइनल में पहुंचने वाले दूसरे भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। इससे पहले वे 2022 में भी उपविजेता रहे थे, लेकिन इस बार उनकी नजर स्वर्ण पदक पर टिकी है।
लक्ष्य सेन की यह उपलब्धि इसलिए खास है क्योंकि उन्होंने 45 साल बाद प्रकाश पादुकोण (1980, 1981) की बराबरी की है। सेमीफाइनल मैच में लक्ष्य और विक्टर के बीच 50 स्ट्रोक से ज्यादा लंबी कई रैलियां देखने को मिलीं, जिसने दर्शकों की सांसें रोक दीं। निर्णायक गेम में लक्ष्य ने चतुराई से रिस्क लेते हुए 15-9 की बढ़त बनाई और अंत में लगातार चार अंक जीतकर अपनी जगह फाइनल में पक्की की। उनकी इस ऐतिहासिक सफलता ने भारतीय बैडमिंटन प्रशंसकों के बीच खुशी की लहर दौड़ा दी है और अब पूरे देश की नजरें उनके आगामी फाइनल मुकाबले पर हैं।
खिताबी मुकाबले में लक्ष्य सेन का सामना चीनी ताइपे के दिग्गज खिलाड़ी और इंडिया ओपन चैंपियन लिन चुन-यी से होगा। लिन ने थाईलैंड के कुनलावुत को हराकर फाइनल का टिकट कटाया है। लक्ष्य का लक्ष्य अब प्रकाश पादुकोण (1980) और पुलेला गोपीचंद (2001) के बाद इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट को जीतने वाला तीसरा भारतीय पुरुष खिलाड़ी बनना है। अगर लक्ष्य कल का मैच जीत जाते हैं, तो यह भारतीय खेलों के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा। पूरा भारत अपने इस युवा सितारे की सफलता के लिए दुआएं मांग रहा है।

