काठमांडू | नेपाल के आम चुनाव में रैपर से राजनेता बने 35 वर्षीय बालेंद्र शाह (बालेन शाह) ने इतिहास रच दिया है। उनकी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) ने देश की पारंपरिक राजनीतिक पार्टियों का सूपड़ा साफ कर दिया है। सबसे बड़ा उलटफेर झापा-5 चुनाव क्षेत्र में देखने को मिला, जहाँ बालेन शाह ने नेपाल के चार बार के प्रधानमंत्री और कम्युनिस्ट दिग्गज केपी शर्मा ओली को लगभग 50,000 वोटों के भारी अंतर से पराजित किया। चुनाव आयोग के अनुसार, बालेन को 68,348 वोट मिले, जबकि ओली मात्र 18,734 वोटों पर सिमट गए। इस प्रचंड जीत के बाद बालेन शाह का नेपाल का अगला प्रधानमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है।
नेपाल की जनता ने इस बार पुरानी पार्टियों को सिरे से नकारते हुए नया विकल्प चुना है। संसदीय चुनावों में आरएसपी (RSP) दो-तिहाई बहुमत की ओर मजबूती से बढ़ रही है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, डायरेक्ट वोटिंग की 165 सीटों में से घोषित 161 नतीजों में आरएसपी ने अकेले 124 सीटें जीतकर सबको चौंका दिया है। वहीं, कभी सत्ता की धुरी रही नेपाली कांग्रेस मात्र 17 और केपी शर्मा ओली की पार्टी CPN-UML केवल 8 सीटों पर सिमट कर रह गई है। प्रोपोर्शनल वोटिंग सिस्टम में भी आरएसपी को लगभग 40 लाख वोट मिले हैं, जो देश में आए बड़े राजनीतिक बदलाव का स्पष्ट संकेत है।
भारत इस ऐतिहासिक चुनाव पर करीब से नजर बनाए हुए है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के लोगों को लोकतंत्र के इस उत्सव की सफलता पर बधाई दी और नई सरकार के साथ विकास की साझेदारी को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई। हार के बाद केपी शर्मा ओली ने भी खेल भावना दिखाते हुए बालेन शाह को “बालेन बाबू” कहकर जीत की बधाई दी और उनके सफल कार्यकाल की कामना की। उन्होंने बालेन को तबला भेंट करते हुए अपनी एक पुरानी तस्वीर भी साझा की। नेपाल में अब एक नई और युवा पीढ़ी के नेतृत्व वाली सरकार से स्थिरता और तेज विकास की उम्मीदें जुड़ गई हैं।

