सीहोर। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी बालागुरु के द्वारा जिले में खेतों में नरवाई जलाने पर प्रतिबंध लगाया गया है. आदेशानुसार फसल कटाई के बाद अगली फसल की तैयारी के लिए कुछ किसानों द्वारा खेतों में आग लगाकर नरवाई नष्ट की जाती है, जिससे हानिकारक गैसों का उत्सर्जन होता है और पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है. साथ ही इससे मिट्टी की उर्वरता भी कम होती है, सूक्ष्म जीव नष्ट होते हैं, जनसंपत्ति और प्राकृतिक वनस्पति को नुकसान पहुंचता है तथा आगजनी की घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है. कृषि विभाग द्वारा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में नरवाई प्रबंधन के प्रति जागरूक किया जा रहा है. कृषि विभाग अमले द्वारा गांव-गांव में लाउड़स्पीकर के माध्यम से किसानों को समझाइश दी जा रही है कि वे नरवाई को जलाने के बजाय वैज्ञानिक तरीकों से उसका प्रबंधन करें. किसानों को नरवाई प्रबंधन के वैकल्पिक उपायों की जानकारी भी दी जा रही है.
