इस्लामाबाद, 08 मार्च (वार्ता) पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रविवार को आयोजित होने वाली रैली से पहले पुलिस ने ‘औरत मार्च’ के सदस्यों सहित कई महिला अधिकार कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
पाकिस्तानी अखबार ‘डॉन’ के अनुसार, कार्यकर्ताओं को सेक्टर एफ-6 के सुपर मार्केट से हिरासत में लिया गया, जहाँ वे मार्च शुरू करने के लिए एकत्र हो रही थीं।
‘औरत मार्च’ इस्लामाबाद ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो भी साझा किया है, जिसके साथ लिखा गया है, “शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन आयोजित करने के लिए ‘औरत मार्च’ इस्लामाबाद के आयोजकों और स्वयंसेवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।”
वीडियो में महिला अधिकार कार्यकर्ता डॉ. फरजाना बारी सहित कुछ महिलाओं को पुलिस वाहन के भीतर बैठे देखा गया। पुलिस सूत्रों ने पुष्टि की है कि हिरासत में लिए गए कार्यकर्ताओं में सुश्री बारी भी शामिल थीं। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को इसलिए पकड़ा गया क्योंकि राजधानी में दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 लागू थी।
दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 एक कानूनी प्रावधान है जो जिला प्रशासन को एक सीमित अवधि के लिए किसी क्षेत्र में चार या अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगाने का अधिकार देता है।
‘औरत मार्च’ के प्रतिनिधियों ने शनिवार को नेशनल प्रेस क्लब में एक संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया था, जिसमें ईरान युद्ध के बीच मौजूदा क्षेत्रीय स्थिति की निंदा की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि साम्राज्यवादी महत्वाकांक्षाओं और आर्थिक हितों की पूर्ति के लिए महिलाओं के नाम पर ईरान पर युद्ध थोपने के प्रयास किए जा रहे हैं।
