जबलपुर:गोसलपुर थाना अंतर्गत सिहोरा तहसील स्थित धमधा में भू-माफियाओं ने एक कंपनी की करोड़ों रुपये की 46 एकड़ भूमि को हड़पने साजिश रचते हुए फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया। भू-माफियाओं ने कंपनी के नाम पर न केवल फर्जी बोर्ड मीटिंग के प्रस्ताव तैयार किए, बल्कि करोड़ों रुपये की बेशकीमती जमीन का विक्रय अनुबंध भी निष्पादित कर दिया। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक मेसर्स रत्नगर्भा स्टील प्रा.लि. की धमधा स्थित भूमि है। कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि सौरभ त्रिपाठी निवासी बड़वारा, कटनी ने गोसलपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनकी कंपनी के स्वामित्व वाली 18.66 हेक्टेयर (46.65 एकड़) कृषि भूमि को हड़पने के लिए भू माफियाओं ने साजिश रची। मुकेश कुमार वर्मा, संतोष कुमार यादव ने मिलकर जमीन हड़पने जाली दस्तावेज तैयार किए ।
कूटरचित दस्तावेज के जरिए बने अनुबंध में दावा किया गया कि 21 जुलाई 2025 को बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की मीटिंग में जमीन बेचने का प्रस्ताव पारित हुआ, जबकि कंपनी के अनुसार ऐसी कोई बैठक हुई ही नहीं। अनुबंध में 1 करोड़ रुपये की बयाना राशि का झूठा उल्लेख किया गया है, ताकि सौदा असली लगे। कंपनी का फर्जी प्रतिनिधि बनाकर पेश किया गया, जबकि कंपनी ने उसे कभी अधिकृत नहीं किया। सौरभ त्रिपाठी को पहले ही भनक लग गई थी कि भू-माफिया सक्रिय हैं।
उन्होंने 12 अगस्त 2025 को ही उप-पंजीयक सिहोरा को आवेदन देकर जमीन की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की थी। इसके बावजूद, 18 अगस्त को जबलपुर पंजीयक कार्यालय में फर्जी दस्तावेजों के जरिए अनुबंध निष्पादित कर दिया गया। शिकायतकर्ता ने राजस्व अभिलेख और फर्जी अनुबंध से जुड़े दस्तावेज पुलिस को सौंपे है। सौरभ त्रिपाठी की शिकायत पर गोसलपुर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
