जबलपुर: मप्र हाईकोर्ट ने एक मामले में अंतरिम राहत देते हुए कहा है कि अगली सुनवाई तक विवादित संपत्ति में किसी तीसरे पक्ष का हित उत्पन्न न हो। जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने एडीशनल कमिश्नर जबलपुर, एसडीओ जुन्नारदेव छिंदवाड़ा सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।छिंदवाड़ा निवासी गुलाब यदुवंशी की ओर से अधिवक्ता आशीष ठाकुर ने पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि वे स्वर्गीय भागचंद यदुवंशी के वैध वारिस हैं।
उन्होंने बताया कि एसडीओं ने 5 जुलाई 2023 को पैतृक कृषि भूमि के असमान और कपटपूर्ण विभाजन को निरस्त कर दिया था। अनावेदक लालचंद यदुवंशी ने एसडीओं के आदेश को अतिरिक्त आयुक्त की कोर्ट में चुनौती दी। एडीशनल कमिश्नर ने 12 जनवरी 2026 को एसडीओं के आदेश को निरस्त कर दिया। इसलिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। दलील दी गई कि विभाजन पूरी तरह असमान था, बिना किसी पूर्व सूचना, जांच या वैध प्राधिकार के किया गया था। इसलिए प्रारंभ से ही वह शून्य है। जिसके बाद न्यायालय ने उक्त निर्देश दिये।
