
इटारसी। नजदीकी ग्राम रामपुर में शुक्रवार को 100 वर्षों से चली आ रही वीर बंबू में लेकर परंपरा के रूप में लेकर आयोजन किया गया। फाल्गुन मास की तृतीया तिथि पर लगने वाले मेले की अपनी एक कहानी है जहां एक बुजुर्ग एक खंबे पर चढ़कर करतब दिखाता है। ऐसी मान्यता है कि वीर बंबू सभी की मुराद पूरी करते हैं इसलिए हर साल श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा होती है।
शहर से लगभग 20 किलोमीटर दूर स्थित रामपुर गांव में हर वर्ष फाल्गुन मास की तृतीया तिथि पर वीर बंबू मेले का आयोजन किया जाता है। गांव के वरिष्ठ अरविंद तिवारी ने बताया कि मेले का आयोजन लगभग 100 वर्षों से किया जा रहा है गांव के देवता के प्रतीकात्मक रूप में बाजार में एक खंभा स्थापित किया गया है। हर वर्ष फाल्गुन मास की तृतीया तिथि पर गांव के जसमन कहार को बाबा शरीर में आते हैं। पूजा पाठ के पश्चात बाबा लगभग 25 फीट ऊंचे खंभे पर चढ़ते हैं और तीन बार उल्टे उलटी दिशा में तथा दो बार सीधी दिशा में खंबे को घुमाया जाता है। ऐसी मानता है कि इस विधि से गांव में किसी भी प्रकार की बुरी बला रोग बीमारी दूर रहेगी। मेले की परंपरा पिछले 100 साल से लगातार चली आ रही है मेले में चलते आसपास के गांव से बड़ी संख्या में लोग मेले का आनंद लेने रामपुर पहुंचने हैं। शुक्रवार को बाजार में मेले के चलते भारी भीड़ देखी गई।
होती हैं मुराद पूरी
वीर बाबू मेला के पीछे मान्यता है कि यह मांगी गई हर मुराद पूरी होती है। इसलिए साल दर साल मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ भी लगातार बढ़ती जा रही है। यह प्रसाद के रूप में भूरा काटा जाता है बताया जाता है कि जिसकी मान्यता पूरी होती है वह यहां आकर बाबा को भूरा अर्पित करता है।
