
सीहोर /आष्टा। ग्राम धर्मपुरी में शुक्रवार की सुबह एक अधर्मी व्यक्ति ने विवाद के चलते अपने ही छोटे भाई के दो बच्चों की लाठियों से पीट- पीटकर नृशंस हत्या कर दी. घटना के वक्त दोनों भाई बहन बाइक से परीक्षा देने जा रहे थे तभी रास्ते में घात लगाकर बैठे आरोपी ने अपने पुत्र के साथ मिलकर दोनों भाई- बहन पर हमला कर दिया था. घटना से आक्रोशित परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए. इतना ही नहीं आष्टा में पीएम कक्ष के सामने टीआई के साथ झूमा- झटकी भी कर दी थी.
जिले के सिद्दीकगंज थाना क्षेत्र के ग्राम धर्मपुरी में शुक्रवार सुबह रिश्तों के कत्ल की एक ऐसी सनसनीखेज वारदात हुई, जिसने पूरे जिले को स्तब्ध कर दिया. एक कलयुगी ताऊ ने जमीन विवाद के चलते अपने ही सगे भतीजे और भतीजी की लाठियों से पीट-पीटकर निर्मम हत्या कर दी. इस लोमहर्षक हत्याकांड के बाद आष्टा सिविल अस्पताल में उस वक्त जबरदस्त हंगामा हो गया, जब आक्रोशित परिजनों ने सिद्धिकगंज पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए टीआई राजूसिंह बघेल के साथ झूमाझटकी कर दी. गौरतलब है कि ग्राम धर्मपुरी निवासी जगदीश मालवीय की 20 वर्षीय बेटी शीतल और 18 वर्षीय कुलदीप शुक्रवार सुबह बोर्ड परीक्षा देने के लिए घर से निकले थे. दोनों भाई-बहन कुछ ही दूर पहुंचे थे कि उनके ताऊ हरिसिंह मालवीय और उसके बेटे हेमंत ने उन्हें रास्ते में रोक लिया. इससे पहले कि बच्चे कुछ समझ पाते, आरोपी पिता- पुत्र ने भाई- बहन पर लाठियों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया. वहां मौजूद ग्रामीणों ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन तब तक दोनों लहूलुहान हो चुके थे. परिजन आनन फानन में बच्चों को अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया.
फिलहाल क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और स्थिति सामान्य बताई जा रही है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.
बेटे की मौत पर भी भाई को फंसाना चाहता था
बताया जाता है कि दीवाली के समय आरोपी हरिसिंह के एक बेटे रितेश की मौत सड़क हादसे में हो गई थी. उस वक्त भी हरिसिंह ने अपने भाई जगदीश पर हत्या का आरोप लगाते हुए कार्रवाई करने की मांग की थी, लेकिन पुलिस ने जब सूक्ष्मता से मामले की जांच की तो हरिसिंह के आरोप निराधार निकले थे. इस पर भी हरिसिंह अपने भाई जगदीश और उसके परिवार से रंजिश रखता था. इसके अलावा आरोपी ने बीते दिनों अपने भाई जगदीश की पत्नी के साथ भी मारपीट की थी जिसका प्रकरण सिद्धिकगंज थाने में पंजीबद्ध कराया गया था. यह प्रकरण वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है.
आरोपी के मकान में लगाई आग
गांव में जब दोनों बच्चों का अंतिम संस्कार किया जा रहा था तब किसी ने आरोपी के घर पर आग लगा दी. मौके पर मौजूद पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से किसी तरह आग पर काबू पाने का प्रयास किया और दमकल को सूचना दी. गनीमत रही आग पर काबू पा लिया गया अन्यथा वहां खड़ा ट्रैक्टर भी आग की भेंट चढ़ सकता था.
सिद्धिकगंज टीआई पर लगाए गंभीर आरोप
पीडि़त पक्ष की ओर से मृतक बच्चों के मामा मुकेश पिता देवकरण निवासी कातला ने आरोप लगाया कि बच्चों के बड़े पिताजी एवं अन्य लोगो ने घेर कर शीतल ओर कुलदीप की हत्या की है. वहीं मामा ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सिद्दीकगंज टीआई पर भी कई ग भीर आरोप लगाए हंै, मामा का कहना है कि हमारी ओर से कई बार थाना प्रभारी, एसपी, कलेक्टर को भी मंगलवार को आवेदन दे कर आरोपियों की शिकायत की लेकिन सिद्दीकगंज पुलिस ने हर बार शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया और आज उनकी लापरवाही हमारे परिवार के दो बच्चों की मौत का कारण बन गया. घटना के बाद भी पुलिस को सूचना दी दो घण्टे तक पुलिस व 108 नहीं आई हम अपने वाहन से लाए हैं. समय पर पुलिस आ जाती और 108 से ले आते तो बच्चे बच जाते. पीडि़त पक्ष ने आरोपियों पर सख्त कार्यवाही करने, उसके मकान तोडऩे एवं लापरवाह सिद्दीकगंज टीआई को तत्काल सस्पेंड करने की मांग की है.
आक्रोशित परिजनों ने पीएम रूम के सामने किया हंगामा
पारिवारिक विवाद में भाई- बहन की हत्या की खबर फैलते ही अस्पताल परिसर छावनी में तब्दील हो गया. मासूम बच्चों के शव देख परिजनों का धैर्य जवाब दे गया. पोस्टमॉर्टम रूम के बाहर गुस्साए परिजनों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. सूत्रों की मानें तो उन्होंने सिद्धिकगंज थाना प्रभारी राजूसिंह बघेल के साथ झूमाझटकी भी कर दी थी. स्थिति बिगड़ती देख आष्टा थाना प्रभारी गिरीश दुबे और पार्वती थाना प्रभारी हरीसिंह परमार अतिरिक्त बल के साथ मौके पर पहुंचे. काफी मशक्कत और समझाइश के बाद हंगामे को शांत कराया जा सका. पुलिस की कड़ी निगरानी में शवों को अंतिम संस्कार के लिए गांव रवाना किया गया. जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया.
