
भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने रायसेन जिले में छह वर्षीय बच्ची से हुए भयावह दुष्कर्म पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को सिर्फ एक बच्ची के खिलाफ अपराध नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल बताया।
पटवारी ने कहा कि भोजपुर विधानसभा क्षेत्र के गौहरगंज में हुई यह घटना पूरे प्रदेश को झकझोर देने वाली है, लेकिन तीन दिन बीत जाने के बाद भी आरोपी फरार है। यह स्थिति मुख्यमंत्री मोहन यादव के प्रशासनिक तंत्र की भारी नाकामी और कानून-व्यवस्था की “डरावनी हकीकत” को उजागर करती है।
अपराध के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश आज महिलाओं और बच्चियों पर अत्याचारों का “हॉटस्पॉट” बन चुका है। प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 22 दुष्कर्म दर्ज होते हैं, जिनमें लगभग सात मामले नाबालिगों से जुड़े होते हैं। यहां तक कि पांच वर्ष से कम आयु की बच्चियाँ भी ऐसे जघन्य अपराधों का शिकार हो रही हैं। यह स्थिति बेहद शर्मनाक है, जबकि सरकार मौन दर्शक बनी हुई है।
पटवारी ने कहा कि प्रदेश में कानून का भय समाप्त हो चुका है क्योंकि प्रशासन ईमानदारी और गंभीरता से काम नहीं कर रहा। मुख्यमंत्री स्वयं विधि विभाग का प्रभार संभाले हुए हैं, फिर भी न्याय और जनता की सुरक्षा “अंतिम सांसें लेती” हुई दिखाई दे रही है।
उन्होंने कहा कि यदि दुष्कर्म के आरोपी को तीन दिनों में गिरफ्तार नहीं किया जाता, तो यह पुलिस तंत्र की स्पष्ट विफलता और सरकार की असंवेदनशीलता को दर्शाता है। इसका परिणाम विभिन्न स्थानों पर सड़क जाम, विरोध प्रदर्शनों और बढ़ते जनाक्रोश के रूप में दिखाई दे रहा है। “लेकिन सरकार मानो गहरी नींद में है,” उन्होंने कहा।
महिला सुरक्षा के मुद्दे पर मोहन यादव सरकार को “गैर-जिम्मेदार, नाकाम और शर्मनाक” बताते हुए पटवारी ने कहा कि मासूम बच्चियों की चीखें और परिवारों का दर्द भी सत्ता में बैठे लोगों को विचलित नहीं कर पा रहा है।
उन्होंने आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी, कठोरतम धाराओं में प्रकरण दर्ज करने और फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग की। साथ ही पीड़िता के परिवार को आर्थिक सहायता, उचित इलाज और सुरक्षा उपलब्ध कराने की भी बात कही।
पटवारी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर अपनी उदासीनता नहीं छोड़ती, तो कांग्रेस जनता के साथ मिलकर प्रदेशभर में व्यापक जनआंदोलन छेड़ेगी।
