
० क्षेत्र से हजारों श्रद्धालुओं ने बढ़-चढक़र लिया हिस्सा, बारातियों का किया गया स्वागत
नवभारत न्यूज
सेमरिया 27 फरवरी। महाशिवरात्रि के अवसर पर सेमरिया में भगवान भोलेनाथ की भव्य बारात धूमधाम से निकाली गई। इस भव्य शोभायात्रा में ग्रामीण क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालुओं ने बढ़-चढक़र हिस्सा लिया। यह बारात हनुमान मंदिर गढ़ी से प्रारंभ होकर प्रसिद्ध शिव मंदिर बढ़ौरा तक पहुंची, जहां शिव और माता पार्वती के विवाह का आयोजन किया गया।
बारात में भगवान शिव की अलौकिक झांकी प्रस्तुत की गई, जिसमें विशाल प्रतिमा विशेष आकर्षण का केन्द्र रही। पूरे मार्ग में श्रद्धालुओं ने श्रद्धा और भक्ति के साथ बारात का स्वागत किया। संतोष गुप्ता ने बारातियों को शीतल जल उपलब्ध कराया, संतोष वर्मा ने बूंदी लड्डू और जलपान की व्यवस्था की। जबकि फूलचंद गुप्ता ने कड़ी-चावल का प्रसाद वितरित कर श्रद्धालुओं की सेवा की। पुष्पांजलि चैरिटेबल ट्रस्ट के सहयोग से मनकीसर वासियों ने फूलमालाओं, गुलाल, तिलक और मिठाई से बारात का स्वागत किया। वहीं ट्रस्ट के उपाध्यक्ष गुरुप्रसाद शुक्ल ने चूल्ही मोड़ पर श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया जबकि रुद्र प्रसाद मिश्रा और संतोष शुक्ला ने बढ़ौरा शिव मंदिर में बारातियों का स्वागत किया। कार्यक्रम की सुरक्षा और सुचारु संचालन हेतु थाना प्रभारी अतर सिंह ने आयोजन स्थल का निरीक्षण कर व्यवस्था का जायजा लिया और शांतिपूर्ण आयोजन की सराहना की। पुलिस चौकी सेमरिया के स्टाफ ने भी विशेष योगदान दिया। इस भव्य आयोजन में पूर्व जनपद उपाध्यक्ष प्रभात वर्मा, दिनेश गुप्ता व्यापारी संघ के अध्यक्ष सेमरिया, कृष्ण कुमार गुप्ता सेमरिया, विकास नारायण तिवारी, प्रवीण तिवारी, रुकमणी सिंह, जुगल गुप्ता, भैरव लाल शुक्ला, परमलाल जायसवाल, बाबूलाल विश्वकर्मा, मनोज गुप्ता, विनोद गुप्ता, संतोष गुप्ता, सुरेश गुप्ता, बाबा बहेलिया, शुभम गुप्ता, वीरेन्द्र गुप्ता, गुलाब चंद्र गुप्ता, चंद्रप्रकाश सोनी, कुबेर तोमर, कृष्ण कुमार नामदेव, प्रशांत तोमर, गौरव तोमर, यश तोमर सहित गणमान्य नागरिकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
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शिवधाम देवघटा में हुआ विशाल भण्डारा
सीधी। शिव मंदिर देवघटा में महाशिवरात्रि पर दूर-दूर से आए भक्तों ने सोनभद्रेश्वर महादेव का दर्शन किया। यह प्राचीन मंदिर सोन नदी के तट पर देवघटा गांव में स्थित है। खास बात यह है कि मंदिर में विराजमान शिवलिंग दक्षिण की ओर झुके हुए है जिस प्रकार धरती अपने धुरी पर उत्तर से दक्षिण की ओर झुकी हुई है। भक्तों का मानना है कि विराजमान शिवलिंग स्वयं धरती को प्रदर्शित कर रहें हैं। आध्यात्मिक स्थल होने के साथ यहां का प्राकृतिक सौंदर्य भी अत्यंत मनोरम है। इस प्राचीन मंदिर की अनेक महत्वपूर्ण कथाएं है जिससे यह मन्दिर अपने आप में एक महत्वपूर्ण धर्म, अध्यात्म और दर्शन का स्थल माना जाता है। दूर दराज से आए भक्तों ने सोन नदी में स्नान कर महादेव को जल अर्पित किया। महाशिवरात्रि के पावन पर्व में भगवान शंकर की बारात निकाली गई और शिव पार्वती जी के विवाह उत्सव का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर अखंड श्री रामचरित मानस और विशाल भंडारे का आयोजन श्री सोनभद्रेश्वर महादेव जन सेवा एवं कल्याण समिति देवघटा के द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें विशेष रूप से ग्रामवासियों और शहरवासियों का विशेष सहयोग रहा।
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