
ग्वालियर। मध्य प्रदेश के चर्चित व्यापमं घोटाले को उजागर करने वाले आरटीआई एक्टिविस्ट आशीष चतुर्वेदी और ग्वालियर पुलिस की एक महिला अधिकारी के बीच छिड़ी ‘ऑडियो जंग’ ने शहर में सनसनी फैला दी है। यह मामला अब केवल भ्रष्टाचार के आरोपों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और फॉरेंसिक जांच की तकनीकी लड़ाई में बदल गया है।
*क्या है मुख्य विवाद?*
विवाद की शुरुआत तब हुई जब आशीष चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया पर एक कथित ऑडियो क्लिप सार्वजनिक की। आशीष का दावा है कि इस ऑडियो में विश्वविद्यालय सर्किल की सीएसपी हिना खान एक कारोबारी से पुराने मामले को रफा-दफा करने के बदले 50 लाख रुपए की रिश्वत की डील कर रही हैं। ऑडियो में कथित तौर पर 25 लाख रुपए एडवांस देने की बात भी सुनी जा सकती है।
*अधिकारी का पलटवार: “यह आवाज मेरी नहीं, एआई की है”*
आरोपों के घेरे में आईं सीएसपी हिना खान ने इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को दी अपनी सफाई में कहा है कि वायरल ऑडियो पूरी तरह फर्जी और एआई जनरेटेड’ है। उनकी आवाज की क्लोनिंग कर उन्हें फंसाने और विभाग की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने आशीष चतुर्वेदी के खिलाफ मानहानि और आईटी एक्ट के तहत कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है।
*जांच के घेरे में ‘सच’*
ग्वालियर पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए ऑडियो की सत्यता की जांच के आदेश दिए हैं। अब यह मामला फॉरेंसिक लैब और साइबर सेल के पास है। जांच का मुख्य बिंदु यह होगा कि क्या ऑडियो असली है या वाकई तकनीक का सहारा लेकर इसे तैयार किया गया है।
*सुरक्षा और तनाव*
बता दें कि आशीष चतुर्वेदी को व्यापमं घोटाले के बाद से ही सुरक्षा मिली हुई है, लेकिन पिछले कुछ समय से पुलिस प्रशासन और उनके बीच तनाव देखा जा रहा है। आशीष ने अब कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है, उनका आरोप है कि उन्हें झूठे केसों में फंसाकर प्रताड़ित किया जा रहा है।