सतना: बाल यौन अपराध के एक गंभीर मामले में विशेष पॉक्सो न्यायालय, उचेहरा ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी को कठोरतम दंड से दंडित किया है। यह निर्णय न केवल पीडि़त को न्याय दिलाने वाला है, बल्कि समाज में बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक सशक्त संदेश भी देता है।विशेष प्रकरण 9/2024 (राज्य बनाम कमलेश कुशवाहा) में न्यायालय ने आरोपी कमलेश कुशवाहा (38) निवासी ग्राम गोबरांव कला को दोषी ठहराया। यह मामला थाना उचेहरा थाना के अपराध क्रमांक 39/2023 से संबंधित है। प्रकरण में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक विनोद प्रताप सिंह ने पक्ष रखा। प्रकरण में आरोपी पर भारतीय दंड संहिता की धारा 377 यौन अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 की धारा 5 सहपठित धारा 6 के अंतर्गत अभियोग स्थापित किया गया था।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना 27 जनवरी 2023 को ग्राम गोबरांव कला स्थित आंगनवाड़ी केंद्र के पास घटित हुई थी। पीडि़त बालक के साथ आरोपी द्वारा गंभीर यौन अपराध किया गया था। पुलिस ने सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। पीडि़त का चिकित्सीय परीक्षण कराया तथा वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्रित कर विधिवत विवेचना पूरी की गई। विवेचना के बाद अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा पीडि़त, परिजन, चिकित्सक, पुलिस अधिकारी एवं अन्य साक्षियों के बयान कराए।
साथ ही दस्तावेजी एवं वैज्ञानिक साक्ष्य भी न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए। न्यायालय ने सभी साक्ष्यों, गवाहों के बयानों एवं विधिक प्रावधानों का सूक्ष्म परीक्षण कर आरोपी को दोषी पाया। न्यायालय ने भारतीय दंड संहिता की धारा 377 के अंतर्गत 10 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5 हजार रुपए अर्थदंड, पॉक्सो अधिनियम की धारा 5 सहपठित धारा 6 के अंतर्गत 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 5 हजार रुपए अर्थदंड दे दंडित किया। अर्थदंड न देने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास का भी प्रावधान किया गया है।
