
जबलपुर। मप्र लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित ग्रंथपाल का परीक्षा परिणाम जारी करने का रास्ता साफ हो गया है। मप्र हाईकोर्ट ने रिजल्ट जारी करने पर लगाई रोक हटा दी है। जस्टिस एमएस भट्टी की एकलपीठ ने पीएससी को रिजल्ट जारी करने की अनुमति प्रदान कर दी है। न्यायालय ने कहा है कि याचिकाकर्ताओं का परिणाम सीलबंद लिफाफे में पेश करते हुए मामले की अगली सुनवाई 17 मार्च को निर्धारित की है।
दरअसल भोपाल निवासी प्रीति उमरे, वेंकट राव व अन्य की ओर से यह मामला दायर किया गया था। जिसमें याचिका कर्ताओं ने शैक्षणिक योग्यता संबंधी अहर्ता को चुनौती दी थी। पीएससी ने उन्हें साक्षात्कार में शामिल नहीं किया था, जबकि वे परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके थे। इस मामले में हाईकोर्ट ने 17 जनवरी को अंतरिम राहत के तौर पर याचिकाकर्ताओं को साक्षात्कार में शामिल होने की अनुमति दी थी। इसके साथ ही न्यायालय ने कहा था कि बिना अनुमति परीक्षा का रिजल्ट जारी नहीं करें। पीएससी की ओर से एक आवेदन पेश कर परिणाम जारी करने की मांग की गई। पीएससी की ओर से अधिवक्ता आदित्य पचौरी ने बताया कि कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं के अलावा अन्य उम्मीदवारों का रिजल्ट जारी करने की अनुमति दे दी है, परीक्षा पहले हो गई थी।
