जबलपुर: संस्कारधानी में होली के त्यौहार के दौरान एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। बरगी डैम पर दोस्तों के साथ नहाने गया 27 वर्षीय युवक शैलेश नेमा पिता भाग्य चंद्र कल गहरे पानी में डूब गया। घटना के दूसरे दिन गुरुवार को भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है, लेकिन युवक का अब तक कोई पता नहीं चल सका है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने का परिजनों ने आरोप लगाया है । आक्रोशित परिजनों ने नारेबाजी शुरू कर दी। धरने पर बैठ गए।
आक्रोशित लोगों ने कहा कि आए दिन होने वाले हादसों को रोकने कोई विशेष इंतजाम नहीं किए गए। हर साल यहाँ डूबने से मौतें होती हैं, सुरक्षा के नाम पर यहाँ भारी लापरवाही बरती जा रही है, जिसका खामियाजा युवाओं को अपनी जान देकर भुगतना पड़ रहा है। स्थिति को बिगड़ता देख सीएसपी अंजुल मिश्रा और थाना प्रभारी नीलेश दोहरे ने मौके पर मोर्चा संभाला और परिजनों को समझा- बुझाकर शांत कराया।
जानकारी के मुताबिक जैन मंदिर के पीछे रहने वाले शैलेश नेमा बुधवार को अपने दोस्तों रोहन और सागर के साथ होली खेलने के बाद नहाने के लिए बरगी डैम गया था। नहाते समय शैलेश गहरे पानी की ओर बढ़ गए। घाट के पत्थरों पर अत्यधिक फिसलन और पानी की गहराई ज्यादा होने के कारण वह अचानक डूबने लगे। पास खड़े दोस्तों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन देखते ही देखते शैलेश आंखों से ओझल हो गए। गुरुवार सुबह से ही एसडीआरएफ की टीम मोटर बोट और गोताखोरों की मदद से गहरे पानी में सर्च ऑपरेशन चला रही है।
