जबलपुर:शहर को स्वच्छता में देश के भीतर नंबर 1 पर लाने के प्रयास के दावे नगर निगम द्वारा किए तो जा रहे हैं लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल विपरीत देखी जा रही है। वहीं नर्मदा भक्तों, जनजागरूक, सामाजिक समितियों द्वारा भी सोशल मीडिया में सिर्फ दिखावेबाजी के कारनामे नजर आ रहे हैं। ताजा मामला गौरीघाट के नर्मदा घाट का है जहां भंडारे की गंदगी के साथ डिस्पोजल, पॉलिथिन, थर्माकोल का ढेर लगा हुआ है।
गायों का झुंड नर्मदा घाट में आकर ये कचरे का ढेर फैला रहा है लेकिन जिम्मेदारों को इससे कोई सरोकार नहीं है। गौरीघाट नर्मदा तट आने वाले भक्तजनों ने नवभारत को बताया कि कोई नेता या मंत्री या वीवीआईपी जब गौरीघाट मां नर्मदा के दर्शन व पूजन के लिए आते हैं तभी नर्मदा घाट को चमकाया जाता है और उनके जाने के कई दिनों बाद तक यहां कोई झकने नहीं आता।
चालान काटने आए-दिन लगाते हैं चक्कर
गौरीघाट में पूजन सामग्री बेचने वाले स्थानीय दुकानदारों ने नवभारत से कहा कि प्रशासन का अमला हम लोगों की दुकान में आकर पॉलिथिन के पैकेट रखने पर चालानी कार्रवाई करके आए-दिन परेशान करता है लेकिन अमले को नर्मदा घाट में पड़ी गंदगी और पॉलिथिन नजर नहीं आती।
शहरवासी खुद फैलाते हैं गंदगी
जानकारी के अनुसार शहर के कई जागरूक शहरवासी ऐसे हैं जो खुद गौरीघाट स्थित नर्मदा तट के पास गंदगी फैलाते हैं। अधिकांशत: देखा गया है कि लोग भंडारा कराते हैं और दोना, पत्तल, पॉलिथिन, डिस्पोजल की थालियां सारी चीजें घाट में ही फेंक कर चले जाते हैं और फिर वहां मवेशी व कुत्ते आकर पूरी चीज फैला देते हैं जिससे गंदगी और फैल जाती है। कई बार तो ये भी देखा गया है कि लोगों के द्वारा पॉलिथिन में रखी हुई विसर्जन की पूजन सामग्री सीधे नर्मदा नदी में बहा दी जाती है।
