अमेरिकी पनडुब्बी ने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बार ईरानी युद्धपोत को टॉरपीडो हमले में डुबोया

वाशिंगटन, 04 मार्च (वार्ता) अमेरिकी पनडुब्बी ने टॉरपीडो हमले में एक ईरानी नौसैनिक युद्धपोत को डुबो दिया है और यह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहला ऐसा हमला है जब किसी दुश्मन जहाज को इस तरह नष्ट किया गया है।

अमेरिकी युद्ध मामलों के मंत्री पीट हेगसेथ ने बुधवार को पेंटागन में “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” पर एक ब्रीफिंग के दौरान कहा कि यह हमला अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में एक अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा किया गया था।

उन्होंने कहा, “एक अमेरिकी पनडुब्बी ने एक ईरानी युद्धपोत को डुबो दिया, जो अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में खुद को सुरक्षित समझ रहा था। इसे एक टॉरपीडो ने डुबो कर खामोश मौत दी है। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद टॉरपीडो द्वारा दुश्मन जहाज को डुबोने की यह पहली घटना है। हम जीतने के लिए लड़ रहे हैं।”

ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन ने कहा कि नौसेना के त्वरित हमले में एक मार्क 48 टॉरपीडो का उपयोग कर ईरानी जहाज को “प्रभावी रूप से निष्क्रिय” कर दिया गया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी नौसेना ने “तत्काल कार्रवाई” करते हुए युद्धपोत को “समुद्र की गहराई में” भेज दिया।

श्री हेगसेथ ने जहाज की पहचान ईरानी नौसेना के प्रमुख युद्धपोत सोलेमानी के रूप में की, जिसका नाम ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर के कुद्स फोर्स के पूर्व कमांडर कासिम सोलेमानी के नाम पर रखा गया था। वह जनवरी 2020 में अमेरिकी ड्रोन हमले में मारे गए थे।

उन्होंने कहा, “ईरानी नौसेना फारस की खाड़ी की गहराई में युद्ध में अप्रभावी, तबाह, नष्ट और पराजित पड़ी है। कल रात हमने उनके प्रमुख युद्धपोत, सोलेमानी को डुबो दिया। उनकी नौसेना की ताकत अब नहीं रही।”

अमेरिकी केंद्रीय कमान के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने एक्स पर जारी एक अलग बयान में कहा कि मौजूदा सैन्य अभियानों के तहत अमेरिकी सेना ने अब तक एक पनडुब्बी सहित 17 ईरानी युद्धपोतों को नष्ट कर दिया है।

उन्होंने कहा “सरल शब्दों में कहें तो हमारा ध्यान उन सभी चीज़ों को नष्ट करने पर केंद्रित है जो हम पर हमला कर सकती हैं। बी-2 और बी-1 बमवर्षकों द्वारा किए गए “निस्संदेह सटीक हमले ईरानी नौसेना को भी डुबो रहे हैं । अब तक हमने 17 ईरानी जहाजों को नष्ट कर दिया है, जिनमें सबसे सक्रिय ईरानी पनडुब्बी भी शामिल है और जिसके किनारे में अब एक छेद है।”

ईरान ने अब तक इस कथित नुकसान की पुष्टि नहीं की है। यदि इसकी पुष्टि हो जाती है, तो यह नुकसान ईरान की नौसैनिक क्षमताओं के लिए एक महत्वपूर्ण झटका साबित होगा।

ईरान का पनडुब्बी बेड़ा उसकी जबर्दस्त समुद्री रणनीति का एक अहम हिस्सा रहा है। नौसेना कुछ बड़ी डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बियों का संचालन करती है, जिनमें तीन रूसी निर्मित किलो-श्रेणी की हमलावर पनडुब्बियां शामिल हैं। इसके साथ ही फारस की खाड़ी और आसपास के जलक्षेत्रों में संचालन के लिए डिज़ाइन किए गए घरेलू स्तर पर निर्मित जहाज भी शामिल हैं।

 

 

 

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