महाराष्ट्र: रोहित पवार ने अजित पवार के विमान दुर्घटना की जांच पर उठाए सवाल

मुंबई, 04 मार्च (वार्ता) एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार ने आज फिर संवाददाता सम्मेलन में महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार से जुड़े 28 जनवरी के कथित विमान हादसे के संबंध में नए आरोप लगाए और जांच रिपोर्ट के निष्कर्षों की प्रामाणिकता पर सवाल उठाए।

मीडिया को संबोधित करते हुए रोहित पवार ने विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट पर संदेह व्यक्त किया और उसमें गंभीर विसंगतियों की ओर इशारा किया।

उन्होंने सवाल किया कि क्या वीएसआर कंपनी को बचाने का प्रयास किया गया था और मांग की कि “एयरो कंपनी” नामक विमानन फर्म के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि दुर्घटना से पहले कुछ व्यक्तियों ने कथित रूप से हवाई अड्डे की रेकी की थी और इस दावे की गहन जांच की मांग की।

श्री पवार ने आगे आरोप लगाया कि दुर्घटना की जांच उतनी गंभीरता से नहीं की गई जितनी की जानी चाहिए थी। उन्होंने कहा, “हम वीएसआर या नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) को निशाना नहीं बना रहे हैं, न ही हमारी उनसे कोई व्यक्तिगत दुश्मनी है। हालांकि, दुर्घटनाग्रस्त विमान वीएसआर का था और जांच डीजीसीए के अधिकार क्षेत्र में है। जब तक एयरो कंपनी, उसके कर्मचारियों और मालिकों की भूमिका की विस्तार से जांच नहीं की जाती, तब तक सच्चाई सामने नहीं आएगी।”

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि प्रभावशाली व्यक्ति कुछ अधिकारियों को बचाने की कोशिश कर रहे होंगे और चेतावनी दी कि इस तरह के हस्तक्षेप से जांच की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। उन्होंने कहा, “मामले की जांच आपराधिक और तकनीकी दोनों दृष्टिकोणों से की जानी चाहिए।”

रोहित पवार ने कई तकनीकी दावे भी किए, जिनमें कहा गया कि उड़ान पूर्व-निर्धारित नहीं थी और देर रात इसका निर्णय लिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि विमान के 85 उड़ान घंटे शेष होने का दावा किया गया था लेकिन इंजन पहले ही लगभग 8,000 घंटे चल चुका था जो इसकी आधिकारिक वैधता से लगभग 3,000 घंटे अधिक था।

उन्होंने आगे दावा किया कि रनवे 29 के बजाय रनवे 11 पर उतरने का प्रयास किया गया और ट्रांसक्रिप्ट से पता चलता है कि महत्वपूर्ण क्षणों के दौरान मुख्य पायलट चुप रहा।

एएआईबी की रिपोर्ट की आलोचना करते हुए एनसीपी-एसपी विधायक ने कहा कि तथ्यात्मक त्रुटियां गंभीरता की कमी को दर्शाती हैं। उन्होंने दुर्घटनास्थल के संबंध में कथित विसंगतियों की ओर इशारा किया, जिसमें विमान द्वारा पेड़ों से टकराने का उल्लेख भी शामिल है।

उन्होंने सीआईडी और सीआईबी जैसी राज्य की जांच एजेंसियों से उन दावों की जांच करने का भी आग्रह किया कि दुर्घटना से पहले अज्ञात व्यक्तियों ने हवाई अड्डे के परिसर का सर्वेक्षण किया था।

Next Post

कृषि कैबिनेट: निर्णयों का प्रभावी क्रियान्वयन जरूरी

Wed Mar 4 , 2026
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सोमवार को बड़वानी जिले के नागलवाड़ी में आयोजित प्रदेश की पहली ऐतिहासिक ‘कृषि कैबिनेट’ केवल एक औपचारिक बैठक नहीं थी, बल्कि यह राज्य की नीति दिशा में एक प्रतीकात्मक और व्यावहारिक बदलाव का संकेत है. वर्ष 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ […]

You May Like