
ग्वालियर। द एनर्जी एंड रिसोर्सेज़ इंस्टीट्यूट-ईआईएसीपी तथा द सिंधिया स्कूल के संयुक्त तत्वावधान में संचालित ‘संभव – ट्रांसफॉर्मिंग सिटिज़न्स इंटू एक्शन: मिशन लाइफ अवेयरनेस कैंपेन टू मिनिमाइज़ प्लास्टिक वेस्ट’ का समापन समारोह आज सिद्धार्थ फील्ड, ग्वालियर किला स्थित सिंधिया स्कूल परिसर में आयोजित किया गया।
यह अभियान भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की पर्यावरण सूचना, जागरूकता, क्षमता निर्माण एवं आजीविका कार्यक्रम योजना के अंतर्गत संचालित किया गया, जिसका उद्देश्य सतत जीवनशैली को बढ़ावा देना तथा एकल-उपयोग प्लास्टिक के उपयोग को कम करने के लिए जनसामान्य को प्रेरित करना रहा है।
समारोह की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई जिसके पश्चात द सिंधिया स्कूल के प्राचार्य अजय सिंह ने स्वागत संबोधन दिया। अपने भाषण में उन्होंने कहा कि जब भी कोई समस्या होती है तो उसका कोई न कोई समाधान होता है तो सबसे पहले काम यह है कि हम यह समाधान आपस में मिलकर करें। इस प्रकार के कार्यक्रम के लिए नगर प्रशासन से सहायता प्राप्त करें जो कि हमें भरपूर मात्रा में मिली है। तीसरा यह है कि हमइस विषय में जागरूकता फैलाएं। यह जागरूकता नगर के एक-एक व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए।
इसके बाद डॉ. पी. के. भट्टाचार्य, समन्वयक ने अभियान की पृष्ठभूमि एवं उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान संभव अभियान की यात्रा एवं प्रमुख उपलब्धियों पर आधारित एक वीडियो प्रस्तुति भी प्रदर्शित की गई, जिसने उपस्थित जनसमूह को अभियान के प्रभाव से अवगत कराया।
इस अवसर पर सुश्री लिपिका रॉय, संयुक्त निदेशक तथा डॉ. दिपांकर सहारिया, वरिष्ठ निदेशक, टेरी ने अपने संबोधनों में पर्यावरण संरक्षण एवं प्लास्टिक कचरे को कम करने की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्य अतिथि श्रीमती नमिता प्रसाद, संयुक्त सचिव ने अपने उद्बोधन में मिशन लाइफ के अंतर्गत नागरिकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए सभी को सतत एवं जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में सिंधिया स्कूल तथा सिंधिया कन्या विद्यालय द्वारा प्रस्तुत नृत्य-नाटिका तथा प्लास्टिक प्रदूषण पर आधारित नुक्कड़ नाटक ने दर्शकों को जागरूक करने के साथ-साथ भावनात्मक रूप से भी जोड़ने का कार्य किया। समारोह के दौरान अंतर-विद्यालयी प्रतियोगिताओं के विजेताओं एवं अभियान में सक्रिय योगदान देने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का समापन मिशन लाइफ सततता शपथ एवं धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें सभी उपस्थित जनों ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
पिछले दो महीनों में संचालित संभव अभियान के अंतर्गत विभिन्न जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से 57,000 से अधिक लोगों तक प्रत्यक्ष पहुंच बनाई गई, जबकि डिजिटल एवं सोशल मीडिया के जरिए लगभग 18 लाख लोगों को जागरूक किया गया। साथ ही, करीब 70,000 पुनः उपयोग योग्य कपड़े के थैलों का वितरण कर प्लास्टिक के विकल्प को बढ़ावा दिया गया।
संभव अभियान ग्वालियर में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया है, जिसने नागरिकों को जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें व्यवहार में बदलाव लाने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के प्रतिष्ठित अधिकारी गण सिंधिया स्कूल के प्राचार्य अजय सिंह, उपप्राचार्या सुश्री स्मिता चतुर्वेदी, डी. के. फर्शवाल, विभिन्न विद्यालयों से आए हुए विशिष्ट अतिथिगण, छात्रगण, नगर के व्यापारीगण तथा सिंधिया स्कूल के अध्यापक व छात्र उपस्थित रहे।
