तेल अवीव/वाशिंगटन, 04 मार्च (वार्ता) इजरायल ने बुधवार को युद्ध के पांचवे दिन ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई तेज करते हुए ‘दसवें दौर’ के हमलों की शुरुआत कर दी। इसके साथ ही इजरायली सेना लेबनान में भी लगातार बमबारी कर रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि उनकी फौजों के हमलों से ईरान की वायुसेना और नौसेना पूरी तरह ‘ध्वस्त’ हो गई है। इजरायली रक्षा बलों ने दावा किया है कि दसवें दौर के हमले में तेहरान के दर्जनों इलाकों को निशाना बनाया गया। इसमें ईरान के सुरक्षा बल रिवोल्यूशरी गार्ड के हेडक्वार्टर बासिज पर भी हमला किया गया। यह मुख्यालय इस बलों की आवाजाही और रसद पहुंचाने के काम करता है। अमेरिकी सैन्य सूत्रों के अनुसार, अब तक की कार्रवाई में ईरान के 17 जहाजों और लगभग 2,000 लक्ष्यों को नष्ट कर दिया गया है। मानवाधिकार संस्था ‘ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी’ की रिपोर्ट के मुताबिक, युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान में 1,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं।
इजरायली फौजें लेबनान में सीमा से आगे छह किलोमीटर तक प्रवेश कर चुकी हैं। लेबनान के मीडिया के अनुसार इजरायली तोपों अभी भी गरज रही हैं। लेबनान के दक्षिण इलाके में सक्रिय आतंकी संगठन हिजबुल्ला ने दावा किया है कि उसने इजरायल के सेना मुख्यालय को निशाना बनाया है।
श्रीलंका के तट के पास पहुंचे ईरान के एक पोत को पनडुब्बी के संभावित निशाना बनाए जाने का भी समाचार है। इस हमले में करीब 100 लोगों के मरने की जानकारी सामने आई है। इस डूब रहे पोत ने श्रीलंका से मदद की गुहार लगाई थी और तब श्रीलंका ने बचाव कार्य शुरू करते हुए अपनी वायु सेना और जहाजों को वहां भेजा। श्रीलंका के विदेशमंत्री के अनुसार इस आइरिस डेना नाम के पोत पर करीब 180 लोग सवार थे। पश्चिम एशिया के इस क्षेत्र में बढ़ते खतरे को देखते हुए अमेरिका ने तीन देशों में अपने दूतावास बंद कर दिए हैं और अपने राजनयिक कर्मचारियों की संख्या में कटौती की है। संयुक्त अरब अमीरात ने फंसे हुए नागरिकों को निकालने के लिए पड़ोसी देशों के साथ ‘सुरक्षित हवाई गलियारे’ खोल दिए हैं। इस सैन्य संघर्ष का सीधा असर वैश्विक बाजार पर भी दिख रहा है। तेल की कीमतों में उछाल की आशंका से एशियाई शेयर बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की गई है, विशेषकर सोल में रिकॉर्ड बिकवाली हुई है। श्री ट्रंप ने खाड़ी क्षेत्र से गुजरने वाले जहाजों के लिए अमेरिकी ‘बीमा और गारंटी’ का आदेश दिया है और जरूरत पड़ने पर होर्मुज जलडमरूमध्य में टैंकरों को सुरक्षा देने के लिए नौसेना की तैनाती का संकेत दिया है। श्री ट्रंप ने कहा है कि पश्चिम एशिया में जहाजों की सुरक्षा के लिए जरूरत पड़ने पर अमेरिकी नौसेना तैनात की जाएगी और ऊर्जा आपूर्ति बनाए रखने के लिए जहाजरानी कंपनियों को “उचित कीमत पर” जोखिम बीमा भी उपलब्ध कराया जाएगा। दुनिया के तेल और गैस आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा होर्मुज़ जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है, जो ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के बीच स्थित संकीर्ण समुद्री मार्ग है। हाल के दिनों में ईरान द्वारा जहाजों को “आग के हवाले करने” की धमकी के बाद इस मार्ग से समुद्री यातायात लगभग ठप हो गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने स्पेन को चेतावनी दी है कि यदि उसने ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान के लिए अपने सैन्य अड्डों के उपयोग की अनुमति नहीं दी तो अमेरिका स्पेन के साथ सभी व्यापारिक संबंध समाप्त कर सकता है। श्री ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि स्पेन का रवैया ‘बहुत खराब’ रहा है और अमेरिका उसके साथ व्यापार बंद करने पर विचार कर सकता है। उन्होंने कहा, “हम स्पेन के साथ कोई संबंध नहीं रखना चाहते।” अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ट्रंप प्रशासन वास्तव में इस कदम को लागू करेगा या यूरोपीय संघ के सदस्य देश के साथ व्यापार रोकने के लिए किस प्रकार की प्रक्रिया अपनायी जाएगी। इसके बाद स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने श्री ट्रम्प की धमकियों का जवाब देते हुए एक टेलीविजन संबोधन में कहा कि सरकार के रुख को ‘युद्ध को ना कहने’ के रूप में संक्षेपित किया जा सकता है। उन्होंने 2003 के इराक आक्रमण का संदर्भ देते हुए ‘अतीत की गलतियों’ को न दोहराने का आह्वान किया। इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज़ ने कहा है कि ईरान में नियुक्त ऐसा कोई भी नया नेता, जो उनके देश को नष्ट करने की योजनाओं को आगे बढ़ाएगा, उसे सीधा निशाना बनाया जायेगा। उन्होंने कहा, “इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि उसका नाम क्या है या वह कहाँ छिपा है।” श्री काट्ज़ ने कहा, “हम अपने अमेरिकी सहयोगियों के साथ मिलकर शासन की क्षमताओं को कुचलने के लिए पूरी ताकत से काम करना जारी रखेंगे। हम ऐसी परिस्थितियाँ पैदा करेंगे जिससे ईरानी लोग इस शासन को उखाड़ फेंकें और इसे बदल सकें।”श्री काट्ज़ का यह बयान तब आया जब कुछ मीडिया खबरों में दावा किया गया कि ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ ने दिवंगत अली खामेनेई के पुत्र मुजतबा खामेनेई को इस्लामिक गणराज्य का नया सर्वोच्च नेता चुन लिया है।

