इंदौर: 2 मार्च को होलिका दहन के बाद 3 मार्च को पड़ रहे ग्रहण के कारण होली नहीं खेली गई. हालांकि इससे बच्चों और बड़ों के उत्साह में कोई कमी नहीं आई है. ग्रहण समाप्त होने के बाद बुधवार को पूरे हर्षोल्लास और उमंग के साथ रंगों का त्योहार मनाया जाएगा.
बच्चों में होली को लेकर खास उत्साह है. सुबह से ही बच्चे रंग-बिरंगी पिचकारियां और गुलाल की तैयारी में जुटे हैं. मोहल्लों में बच्चों की टोलियां होली खेलने की योजनाएं बनाती नजर आ रही हैं. बच्चों का कहना है कि भले ही एक दिन का इंतजार करना पड़ रहा है, लेकिन कल वे दोगुने उत्साह के साथ होली खेलेंगे.
बुजुर्ग देंगे प्रेम और सौहार्द का संदेश
बुजुर्गों ने भी पारंपरिक तरीके से होली मनाने की तैयारी की है. वे एक-दूसरे को गुलाल लगाकर गले मिलेंगे और समाज में भाईचारे, प्रेम और सम्मान का संदेश देंगे.
बाजारों में बनी रही रौनक
होली को लेकर बाजारों में अच्छी खासी भीड़ देखने को मिल रही है. हर्बल गुलाल, प्राकृतिक रंग, पिचकारी और मिठाइयों की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ जुट रही है. व्यापारियों को उम्मीद है कि होली खेलने के दिन बिक्री और बढ़ेगी.
मिलजुल कर मनाएंगे रंगों का पर्व
ग्रहण के कारण एक दिन की देरी जरूर हुई है, लेकिन उत्साह में कोई कमी नहीं है. सभी वर्गों के लोग बुधवार को मिलजुल कर रंगों का यह पर्व मनाएंगे और आपसी भाईचारे व एकता की मिसाल पेश करेंगे.
