विंध्य की डायरी
डा. रवि तिवारी
विधानसभा में विंध्य क्षेत्र के कई मुद्दे उठाए गये लेकिन सबसे ज्यादा चर्चित मामला सिंगरौली का रहा. विधायक रामनिवास शाह ने अपने क्षेत्र के मुद्दो को उठाने के साथ लंबित विकास कार्यो, आवासीय समस्याओं के साथ प्रशासनिक लापरवाही को भी सदन में रखा. प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र हितग्राहियों को लाभ न मिलने और विस्थापित परिवारों की समस्याओं का उल्लेख करते हुए विधायक ने बताया कि औद्योगिक गतिविधियों के कारण प्रभावित कई परिवार आज भी स्थाई आवास और मूलभूत सुविधाओं से वंचित है. सदन में उन्होने प्रशासन को भी कटघरे में खड़ा करते हुए विभागीय ढि़लाई का आरोप लगाया. दरअसल एनटीपीसी परियोजना के लिये भूमि अधिग्रहित की गई थी और कई गांव के लोग विस्थापित हुए थे.
प्रभावित परिवारो को पुर्नवास स्वरूप प्लाट आवंटित किये गये थे. लेकिन 38 वर्ष बीत जाने के बाद भी लीज का विधिवत नवीनीकरण नही किया गया और न ही स्थाई पट्टा दिया गया. इस गंभीर विषय को विधायक ने विधानसभा में प्रमुखता से उठाते हुए सरकार का ध्यान अपने ओर खीचा. 38 वर्ष बीत गये पर किसी ने इस पर ध्यान नही दिया. लंबे समय से प्रदेश में भाजपा की सरकार है और भाजपा के ही चुने हुए विधायक सदन में पहुंचते रहे है और अभी तक विस्थापित परिवारो की किसी ने सुध नही ली. सिंगरौली का प्रतिनिधित्व सरकार में भी रहा है और है भी, बावजूद इसके कोई ठोस निर्णय नही लिया गया.
कश्मकश और मंथन के बाद कार्यकारिणी घोषित
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने पदभार सम्भालने के बाद जिले स्तर पर संगठन को मजबूत बनाने के लिये जिला पदाधिकारियों की नई कार्यकारिणी तैयारी की. कई जिलो में कार्यकारिणी की घोषणा हो गई, लेकिन विंध्य के सतना जिले की कार्यकारिणी घोषित नही हुई. काफी मशक्कत और मंथन के बाद आखिर भाजपा की जिला कार्यकारिणी घोषित कर दी गई. नई कमेटी में कई नए चेहरो को स्थान मिला है तो कई ऐसे भी है जिन्हे किनारे कर दिया गया, जबकि वह प्रबल दावेदार थे. पूर्व महापौर ममता पाण्डेय को उपाध्यक्ष बनाया गया है. वैश्य समाज को भी कार्यकारिणी में महत्व दिया गया है. महामंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद का दायित्व दिया गया है. भले ही कार्यकारिणी को संतुलित बताया जा रहा है लेकिन कई लोग इससे नाराज भी है. यह बात और है कि नाराजगी खुलकर सामने नही आ रही है.
……जब जनपद अध्यक्ष ने सीईओ को पहनाया भाजपा का पट्टा
सरकारी कार्यक्रमो को अब राजनीतिक दल विशेष का स्वरूप दिया जाने लगा है. जिसके चलते कार्यक्रम पूरी तरह से राजनीतिक हो जाते है और जनप्रतिनिधियों का विरोध भी देखने को मिलता है. सरकारी कार्यक्रमों को राजनीतिक मंच में परिवर्तित करना लोकतांत्रिक मर्याओ के विरूद्ध है. सीधी के जनपद पंचायत रामपुर नैकिन में सामूहिक विवाह में कुछ ऐसा ही देखने को मिला. अव्यवस्था से नाराज जनपद अध्यक्ष ने विरोध जताते हुए जनपद सीईओ को सामान्य सभा की बैठक में भाजपा का पट्टा ही पहना दिया. दरअसल सामूहिक विवाह सम्मेलन में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सदस्यों को अपेक्षित सम्मान नही दिया गया और एक दल विशेष को महत्व देते हुए अधिकारी चाटूकारिता में लगे रहे. यही वजह है कि नाराज अध्यक्ष सीईओ को भाजपा का पट्टा पहना कर प्रतीकात्मक रूप से विरोध प्रकट किया.
